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22वीं कोशिश में फंदा लगाकर की खुदकुशी, 21 बार परिजनों ने बचाया
Mon, 09 Sep 2019 09:47 PM IST
Avdhesh Kumar
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Mon, 09 Sep 2019 09:47 PM IST
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दक्षिण दिल्ली के अंबेडकर नगर थाना इलाके में एक युवक ने 21 बार फांसी लगाने का प्रयास किया। हर बार परिवार का कोई न कोई सदस्य उसे बचा लेता था। मगर 22वीं बार ऐसा न हो सका और युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। अंबेडकर नगर थाना पुलिस ने युवक के शव का सोमवार को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। अंबेडकर नगर थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार विजय सिंह दिवाकर(38) बुजुर्ग मां व भाई के साथ एस 74/68 हरिजन कैंप खानपुर में रहता था। विजयसिंह की वर्ष 2003 में शादी हुई थी। इसी वर्ष ये सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हेलमेट नहीं पहनने की वजह से उसके सिर में चोट लगी थी। सिर में चोट लगने की वजह से वह दिमागी रूप से कमजोर हो गया था।
इस कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। इसका उसे सदमा लगा और वह नशा करने लगा। अंबेडकर नगर पुलिस अधिकारियों के अनुसार विजयसिंह दिवाकर ने पिछले कई सालों में 21 बार खुदकुशी करने का प्रयास किया। हर बार उसे कोई न कोई बचा लेता था।
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परिवार के सदस्य उसे बचा लेते थे और या फिर कई बार फांसी का फंदा ही टूट गया था। विजय सिंह के भाई अजय दिवाकर ने पुलिसकर्मियों को बताया कि रविवार रात को वह ग्राउंड फ्लोर पर सोया था। उसका भाई विजय पहली मंजिल पर कमरे में सोया था और मां पहली मंजिल पर बालकॉनी में सोई थी।
सोमवार सुबह मां उठी औैर कमरे में गई तो विजय सिंह कमरे में पंखे के जरिए फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। अजय दिवाकर ने इसकी सूचना पुलिस को दी। अंबेडकर नगर पुलिस ने विजय सिंह दिवाकर के शव का पोस्टमार्टम कराकर सोमवार दोपहर बाद परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरूआती पूछताछ में ये बात सामने आई है कि विजय दिवाकर दिमागी रूप से कमजोर था इस कारण उसने 21 बार खुदकुशी का प्रयास किया है।
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दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार विजय सिंह दिवाकर(38) बुजुर्ग मां व भाई के साथ एस 74/68 हरिजन कैंप खानपुर में रहता था। विजयसिंह की वर्ष 2003 में शादी हुई थी। इसी वर्ष ये सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। हेलमेट नहीं पहनने की वजह से उसके सिर में चोट लगी थी। सिर में चोट लगने की वजह से वह दिमागी रूप से कमजोर हो गया था।
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इस कारण उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। इसका उसे सदमा लगा और वह नशा करने लगा। अंबेडकर नगर पुलिस अधिकारियों के अनुसार विजयसिंह दिवाकर ने पिछले कई सालों में 21 बार खुदकुशी करने का प्रयास किया। हर बार उसे कोई न कोई बचा लेता था।
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परिवार के सदस्य उसे बचा लेते थे और या फिर कई बार फांसी का फंदा ही टूट गया था। विजय सिंह के भाई अजय दिवाकर ने पुलिसकर्मियों को बताया कि रविवार रात को वह ग्राउंड फ्लोर पर सोया था। उसका भाई विजय पहली मंजिल पर कमरे में सोया था और मां पहली मंजिल पर बालकॉनी में सोई थी।
सोमवार सुबह मां उठी औैर कमरे में गई तो विजय सिंह कमरे में पंखे के जरिए फांसी के फंदे पर लटका हुआ था। अजय दिवाकर ने इसकी सूचना पुलिस को दी। अंबेडकर नगर पुलिस ने विजय सिंह दिवाकर के शव का पोस्टमार्टम कराकर सोमवार दोपहर बाद परिजनों को सौंप दिया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरूआती पूछताछ में ये बात सामने आई है कि विजय दिवाकर दिमागी रूप से कमजोर था इस कारण उसने 21 बार खुदकुशी का प्रयास किया है।