स्वर्ण जयंती समारोह से सीएम खट्टर ने की डैमेज कंट्रोल की कोशिश
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स्वर्ण जयंती समारोह के माध्यम से मनोहर लाल सरकार ने एक ओर अपनी दो साल की कामयाबी गिनाई तो दूसरी ओर डैमेज कंट्रोल करने से भी नहीं चूके।
जाट आंदोलन में सरकार की हुई किरकिरी के बाद हरियाणा एक और हरियाणवी एक का नारा दिया। तो दूसरी ओर मेवात में बिरयानी मामले में उठे तूफान को हैदराबाद बिरयानी से जोड़ कर मामले को शांत करने का प्रयास किया।
स्वर्ण जयंती समारोह पर सरकार की ओर से 1700 करोड़ का बजट साल भर में रखा गया है। जिसमें से करीब 200 करोड़ रुपया इस समारोह में खर्च किए जाने की बात कही जा रही है।
स्टेडियम सील कर खिलाड़ियों के साथ अन्याय किए जाने का आरोप लगा
कांग्रेस के पूर्व डिप्टी स्पीकर कुलदीप शर्मा ने पहले ही सरकार को घेरते हुए जनता के पैसे का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर इनेलो नेता अभय चौटाला ने स्टेडियम सील कर खिलाड़ियों के साथ अन्याय किए जाने का आरोप लगा चुके हैं।
इन सबसे बचने के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर को खुले मंच से यह कहना पड़ा कि यह किसी पार्टी या सरकार की स्वर्ण जयंती नहीं है बल्कि पूरे प्रदेश के लोगों की स्वर्ण जयंती है।
तीन नवंबर से विधान सभा सत्र शुरू हो रहा है। जिसमें स्वर्ण जयंती के नाम पर हुए पूरे खेल को विपक्ष उठाने की कोशिश करेगी।