गंदगी और टपकती छत देख भड़के केजरीवाल, कहा- नहीं होगा काम तो होगी कार्रवाई
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बृहस्पतिवार को कठपुतली कॉलोनी से विस्थापित लोगों का हालचाल लेने आनंद पर्वत ट्रांजिट कैंप पहुंचे। उन्होंने कैंप में फैली अव्यवस्थाओं पर सख्त नाराजगी जाहिर की। कड़े लहजे में कैंप की देखरेख करने वाली कंपनी के अधिकारियों व उसके मालिक से इंतजाम दुरुस्त करने का निर्देश दिया।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन व दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल सहित कई अधिकारी मौजूद थे। केजरीवाल ने मौके पर आम लोगों से समस्याएं सुनी और उनका तत्काल निदान करने की कोशिश की। आम लोगों ने इलाके में पानी और बिजली के बिल से जुड़ी समस्या बताई।
इस पर केजरीवाल ने कहा कि इलाके में 40 टैंकर पानी आएगा। उन्होंने बिजली कंपनी के अधिकारियों को भी निर्देश दिया कि वह समस्या का जल्द से जल्द समाधान दें। मौके का मुआयना करते वक्त वह गंदगी व टपक रही छतों को देखकर भड़क गए। ट्रांजिट कैंप की देख-रेखा करने वाली कंपनी के आला अधिकारी को फटकार लगाते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर आपका 20 साल का मकान टपक नहीं रहा है तो कैसे आठ साल पुराने कैंप के मकानों का छत टपकने लगा।
लोगों ने सुनाई मुख्यमंत्री को शिकायतें
क्या यहां के लोग आपके घर में जाकर रहें। वहीं, गंदगी पर भी अधिकारियों को खरी-खोटी सुनाई। केजरीवाल ने कंपनी के मालिक को भी मोबाइल पर सख्त फटकार लगाते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। कैंप की हालत बारिश के मौसम में रहने लायक नहीं है। बावजूद इसके उचित इंतजाम नहीं किया जा रहा है।
लोगों ने सुनाई मुख्यमंत्री को शिकायतें
स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री से शिकायत की कि हालत बहुत बदतर है। पानी न तो समय पर आता है और न ही साफ रहता है। कई बार खारा होने के साथ पानी में कीड़े भी होते हैं। इससे लोग बीमार हो रहे हैं। वहीं, बिजली के बिल को लेकर भी लोगों ने शिकायत की। मुख्यमंत्री ने जल बोर्ड व बिजली कंपनियों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि दोबारा दौरे पर आने तक उन्हें इस तरह की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए।