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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   CJP Protest: Mansoori returns from hospital with pellet wounds; scars still visible on his eyes and face.

सीजेपी प्रदर्शन: छर्रों के घाव लेकर अस्पताल से लौटे मंसूरी, आंखों और चेहरे पर अब भी घाव के निशान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jul 2026 08:36 PM IST
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20 जुलाई की झड़प में घायल हुए प्रदर्शनकारियों ने सुनाई आपबीती
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर 20 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प में घायल हुए 25 वर्षीय शेख इरशाद मंसूरी को शुक्रवार को चार दिन बाद लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सर्जरी के जरिए उनके चेहरे और गर्दन में फंसे छर्रे निकाल दिए गए हैं, लेकिन चोटों के निशान अब भी साफ दिखाई दे रहे हैं। उनकी बायीं आंख लाल है और चेहरे पर कई छोटे-छोटे जख्म मौजूद हैं। आंख और मुंह के अंदर अब भी टांके लगे हुए हैं।
गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में अकाउंट्स मैनेजर के रूप में कार्यरत मंसूरी ने अस्पताल से बाहर आने के बाद बताया कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस भीड़ को पीछे धकेल रही थी। उस समय कई प्रदर्शनकारी हाथ उठाकर कार्रवाई रोकने की अपील कर रहे थे। इसी बीच अचानक उनके चेहरे पर कोई वस्तु आकर लगी, जिससे भौंह, गाल और ठुड्डी पर गंभीर चोटें आईं।
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मंसूरी के मुताबिक, जांच में डॉक्टरों ने पाया कि कई छर्रे शरीर के बेहद संवेदनशील हिस्सों के पास फंस गए थे। एक छर्रा गर्दन में मुख्य नस और रक्त वाहिका के करीब, दूसरा आंख की गतिविधि नियंत्रित करने वाली मांसपेशी के पास और तीसरा नाक के समीप था। स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने तत्काल सर्जरी की सलाह दी। ऑपरेशन के दौरान चेहरे और गर्दन से सभी छर्रे निकाल दिए गए। फिलहाल उनकी हालत पहले से बेहतर है, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने में अभी समय लगेगा।
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साहिल लोचब की दाहिनी आंख की कॉर्निया को पहुंचा है गंभीर नुकसान
जंतर-मंतर की घटना में कई अन्य प्रदर्शनकारी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। नजफगढ़ निवासी साहिल लोचब की दाहिनी आंख में छर्रा लगने से गंभीर चोट आई। उनके चेहरे, गर्दन, सीने, कंधे और हाथ पर भी चोट के निशान हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे लेडी हार्डिंग अस्पताल से एम्स ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। चिकित्सकों के अनुसार, आंख की कॉर्निया को गंभीर नुकसान पहुंचा है, जिससे उनकी दृष्टि प्रभावित हुई है। भविष्य में एक और सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

पुलिस कर चुकी है पैलेट गन के इस्तेमाल से इन्कार : विशेषज्ञों के अनुसार, पैलेट गन के कारतूसों से निकलने वाले धातु या रबर के छर्रे तेज गति से फैलते हैं। इसलिए इनके इस्तेमाल के दौरान दूरी, निशाने और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना जाता है। हालांकि पुलिस ने पैलेट गन के इस्तेमाल किए जाने से इन्कार किया है।
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