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खुली छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हुए बच्चे
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 03 Jan 2016 06:32 PM IST
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गांव पीपाका के राजकीय माध्यमिक विद्यालय की उप शाखा में दलित कॉलोनी के बच्चे सर्दी के मौसम में खुली छत के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं।
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इन्हें दलित चौपाल में पढ़ाया जा रहा है, जहां हमेशा हादसा होने का अंदेशा बना रहता है। करीब चार साल पहले पूर्व सीपीएस चौ. धर्मबी रसिंह ने पीपाका राजकीय माध्यमिक विद्यालय की उप शाखा के तौर पर इसे शुरू करवाया था। यहां पर दो अध्यापकों को नियुक्त किया हुआ है।
मिड डे मील बनाने वाली दो महिला कर्मचारी हैं। अभिभावकों का कहना है कि यह मात्र नाम का ही विद्यालय है, न बच्चों के लिए कोई शौचालय है और ना ही पीने के पानी की व्यवस्था। चौपाल के साथ से मुख्य सड़क है। जहां बच्चों के खेलते वक्त या अपने घर से आते जाते समय दुर्घटना का भय बना रहता है।
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उल्लेखनीय है कि विद्यालय की इस शाखा में करीब 80 छात्र व छात्राएं पढ़ते हैं। इनके बैठने के लिए बेंच टेबल तो दूर टाट पट्टी भी नहीं है। अभिभावकों ने बताया कि कड़ाके की ठंड में बच्चों को फर्श पर बैठकर पढ़ना पड़ रहा है।
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इससे उनकी तबियत भी खराब होने का डर बना रहता है। शिक्षकों ने बताया ग्राम पंचायत ने स्कूल भवन बनवाने के लिए लगभग ढाई एकड़ जमीन का प्रस्ताव लंबे समय से शिक्षा विभाग में भेजा हुआ है जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं कार्रवाई नहीं हुई है।