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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Child deaths in Delhi raise concerns, causes of inequality emerge

Delhi NCR News: दिल्ली में बच्चों की मौतों पर बढ़ी चिंता, असमानता की वजह आई सामने

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 26 Mar 2026 08:59 PM IST
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-सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम और यूनिसेफ की रिपोर्ट में मिली जानकारी
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
देश में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (एसआरएस) और यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में हर 1000 में करीब 29 बच्चे अपना पांचवां जन्मदिन नहीं देख पाते। हर साल लाखों बच्चों की मौत ऐसी वजहों से हो रही है, जिन्हें समय रहते रोका जा सकता है। अगर दिल्ली की बात करें तो यहां की स्थिति देश के औसत से थोड़ी बेहतर है। राजधानी में अंडर-फाइव मृत्यु दर करीब 18-20 प्रति 1000 है, लेकिन इसके पीछे भी एक बड़ी समस्या सामाजिक असमानता छिपी है। शहर के अच्छे इलाकों में बच्चों की देखभाल बेहतर है, जबकि झुग्गी-बस्तियों और कम आय वाले इलाकों में हालात अब भी खराब है।

विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों की मौत के मुख्य कारण निमोनिया, दस्त, समय से पहले जन्म और संक्रमण हैं। इन इलाकों में साफ पानी, पोषण और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण बच्चों की जान जोखिम में रहती है। डॉक्टरों ने कहा कि अगर सभी बच्चों का समय पर टीकाकरण, सही पोषण और बुनियादी स्वास्थ्य सेवा मिले, तो इन मौतों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसी दिशा में दिल्ली में एक नई पहल भी शुरू की गई है। आयुष चिकित्सकों और छात्रों को नवजात और छोटे बच्चों की आपातकालीन देखभाल के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य बच्चों की गंभीर स्थिति को समय पर पहचानना और सही इलाज तक जल्दी पहुंचाना है।
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