सीएम ने सुलझाया अटाली, दूसरी जगह बनेगा विवादित धार्मिक स्थल
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गांव अटाली का विवाद सोमवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के हस्तक्षेप के बाद खत्म हो गया। दोनों समुदायों की आपसी सहमति से विवाद को खत्म किया गया।
अब विवादित भवन का निर्माण दूसरी जगह किया जाएगा। इस दौरान दोनों समुदायों के लोग एक दूसरे से गले मिले और गांव में शांतिप्रिय माहौल कायम रखने का मुख्यमंत्री को भरोसा दिया।
दोनों पक्षों ने चंडीगढ़ स्थित सीएम हाउस में मुख्यमंत्री से मिलकर विवाद को खत्म किया। इस बात की पुष्टि बल्लभगढ़ के विधायक टेकचंद शर्मा और शांति समिति के अध्यक्ष बलदेव अलावलपुर ने की।
धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर चल रहा था विवाद
गांव में एक धार्मिक स्थल के निर्माण को लेकर दोनों समुदायों में काफी समय से विवाद चल रहा था। 25 मई को वहां पर आगजनी की गई और लूटपाट हुई।
दोनों पक्षों में जमकर पत्थरबाजी हुई। जिला प्रशासन ने पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया था। एक समुदाय के लोग डर के कारण बल्लभगढ़ थाने में बनाए गए शिविर में शरण लेने को मजबूर हो गए।
मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि दोबारा एक जुलाई को विवादित स्थल पर दोनों पक्षों की ओर से पत्थरबाजी हुई।
विवाद सुलझाने में जुटे रहे दोनों पक्ष
इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों की ओर से प्रयास किए जा रहे थे। सोमवार को मेहनत रंग लाई। समिति के अध्यक्ष बलदेव अलावलपुर ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से करीब 150 ग्रामीणों ने चंडीगढ़ में सीएम हाउस में मुख्यमंत्री से मुलाकात की।
इस दल में पृथला विधायक टेकचंद शर्मा, मूलचंद शर्मा, शांति समिति की ओर से आईएमटी के प्रधान रामनिवास नागर, चेयरमैन आदेश नागर, महाबीर सिंह, पालू नागर पंच, मोहम्मद रजमान, इजराइल सरपंच, जिला उपायुक्त और पुलिस कमिश्रर भी शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आपसी सहमति से विवाद सुलझाने को कहा। दोनों पक्षों ने आपस में बातचीत कर विवाद खत्म करने का फैसला किया। इस पर मुख्यमंत्री ने गांव अटाली से अरुआ तक सड़क निर्माण के लिए एक करोड़ रुपये और सर्वसम्मति से पंचायत चुनने पर 11 लाख रुपये देने की घोषणा की।