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Delhi: छोटा शकील के सहयोगी अजय रमेश नवांदर की जमानत याचिका खारिज, 34615 करोड़ के ऋण धोखाधड़ी केस में है आरोपी
Tue, 23 Aug 2022 07:29 PM IST
अनुराग सक्सेना
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अनुराग सक्सेना
Updated Tue, 23 Aug 2022 07:29 PM IST
सार
याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल से केवल पेंटिंग बरामद की गई थी और इस प्रकार यह केवल आईपीसी की धारा 411 का मामला था। सीबीआई के वकील ने तर्क दिया कि बड़ी मात्रा में सार्वजनिक धन का गबन किया गया है।
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छोटा शकील के सहयोगी की जमानत खारिज
- फोटो : Social Media
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विस्तार
दिल्ली में एक अदालत ने अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकील के सहयोगी अजय रमेश नवांदर की जमानत याचिका खारिज कर दी है। सीबीआई ने उसे दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (डीएचएफएल) से जुड़े 34,615 करोड़ रुपये के ऋण धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया था। उसके पास से 30 करोड़ रुपये की पेंटिंग और 1.3 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए थे।
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याची के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि उनके मुवक्किल से केवल पेंटिंग बरामद की गई थी और इस प्रकार यह केवल आईपीसी की धारा 411 का मामला था। सीबीआई के वकील ने तर्क दिया कि बड़ी मात्रा में सार्वजनिक धन का गबन किया गया है और अभियुक्तों द्वारा सबूतों के साथ छेड़छाड़ या गवाहों को प्रभावित करने की उच्च संभावनाएं है।
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उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारी धीरज वधावन से बरामद 30 करोड़ रुपये और 1.3 करोड़ रुपये नकद में पेंटिंग एक व्यापक साजिश की ओर इशारा कर रही है। आरोपित कर्ज की रकम के साथ खरीदी गई चीजों को ठिकाने लगाने में शामिल है। जब्त मोबाइल फोन के रिकार्ड से पता चला है कि उसे धीरज वधावन से 1.2 करोड़ रुपये मिले थे।
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अदालत ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोपी प्रथमदृष्टया ऋण से उत्पन्न होने वाले विशाल धन के संचालन के चरण में संलिप्त है। उसके द्वारा सबूतों के साथ छेड़छाड़ की प्रबल संभावना है।
डीएचएफएल के पूर्व निदेशकों कपिल और धीरज वधावन को केंद्रीय जांच एजेंसी लखनऊ से गिरफ्तार कर दिल्ली लाई थी। डीएचएफएल, इसके पूर्व सीएमडी कपिल वधावन, एमडी धीरज वाधवान, वर्तमान निदेशक सुधाकर शेट्टी, अमेरीलिस रियल्टर्स एलएलपी (एआरएलएलपी), गुलमर्ग रियल्टर्स एलएलपी (जीआरएलएलपी), स्काईलार्क बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। यह भी आरोप है कि प्रमोटरों ने डायवर्ट किए गए फंड का उपयोग करके लगभग 55 करोड़ रुपये की महंगी पेंटिंग और मूर्तियां हासिल कीं।