नोएडा दंपती हत्याकांड का हुआ खुलासा, नौकर अमन ने पीतल की दीपक स्टैंड से की थी हत्या
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ग्रेनो वेस्ट की चेरी काउंटी सोसाइटी में दंपती विनय गुप्ता और नेहा हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने आरोपी कर्मी अमन हयात खान और पास की एक सोसाइटी निवासी 15 साल की नाबालिग दोस्त के पिता सौरभ को शुक्रवार सुबह गैलेक्सी वेगा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों से पुलिस ने हत्या के बाद लूटे गए एक लाख रुपये में से 72 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं। सौरभ को अमन से रुपये मांगने, वारदात के लिए उकसाने, लूटे गए रुपये रखने के अलावा ओयो होटल में ठहराने में मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। सौरभ के परिवार की अमन आर्थिक मदद भी करता रहता था।
पुलिस के मुताबिक, अमन दंपती के फ्लैट में करवाचौथ पर महिलाओं के मेहंदी लगवाने के रुपयों का हिसाब करने के बहाने घुसा था। आरोपी ने लूट के लिए एक चाकू भी खरीदा था। उसे जब फ्लैट में मार्ट की नकदी का थैला नहीं दिखा तो भूख लगने की बात कही। इस पर नेहा ने उसके लिए पराठा बनाया जिसे खाते समय ही उसने पहले नेहा और फिर विनय पर पीतल के दीपक स्टैंड से हमला कर मौत के घाट उतार दिया।
डीसीपी हरीश चंदर ने बताया कि चेरी काउंटी सोसाइटी की नौंवी मंजिल स्थित फ्लैट में अमन मंगलवार रात लगभग 12:15 बजे दाखिल हुआ और उसने विनय से जरूरत बताकर रुपये की मांगे। विनय के असमर्थता जताने पर आरोपी ने पहले नेहा और फिर विनय के सिर में पीतल के स्टैंड से तेज प्रहार कर दिया। दोनों के फर्श पर गिरने पर आरोपी ने सिर पर कई वार किए। इसके बाद अमन मार्ट की नकदी का थैला लेकर फ्लैट से बाहर निकल गया, लेकिन आते-जाते हुए लिफ्ट और उसके पास सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। फुटेज में अमन हाथ में थैला लेकर जाते साफ दिखाई दिया। इससे आरोपी की पहचान हो गई।
हत्या कर सौरभ के घर पहुंचा, ताला लगा मिला तो महागुन मार्ट पहुंचा
अमन ने वारदात के बाद खून से सने जूते मार्ट की छत पर उतार दिए थे। यहां से वह नंगे पैर सौरभ के घर पहुंचा। यहां ताला लगा देख उसने कॉल किया। उसे पता चला कि नाबालिग और उसकी मां मेहंदी लगाने के लिए महागुन मार्ट गए हैं। सौरभ भी वहीं था। इसके बाद आरोपी महागुन मार्ट पहुंच गया।
सेक्टर-62 के ओयो होटल में रुकवाया
अमन को लेकर सौरभ नोएडा सेक्टर-22 गया। यहां आरोपी को सौरभ ने ओयो होटल में रुकवाया और उससे लूटे गए रुपये भी लिए। इसके बाद सौरभ घर लौट आया। हयात ने बिहार भागने के लिए सौरभ की मदद से कैब बुक कर ली थी, लेकिन फरार होने के प्रयास के दौरान ही पुलिस ने उसे गैलेक्सी वेगा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया।
वारदात से पहले सहकर्मी से लिए थे तीन सौ रुपये उधार
आरोपी ने वारदात से लगभग पांच घंटे पहले मार्ट के एक सहकर्मी से उधार रुपये मांगे थे। सहकर्मी ने उसे दो सौ रुपये दिए तो आरोपी ने कहा कि सौ और दे दो। इस पर आरोपी उधार में तीन सौ रुपये लेकर गया था।
नाबालिग से दोस्ती के लिए बदला आरोपी ने नाम
सूत्रों का कहना है कि दूसरी समुदाय की नाबालिग दोस्त होने के कारण आरोपी ने पूरा नाम न बताकर सिर्फ अमन बताया था। इसकी जानकारी सौरभ को हुई तो उसने केस दर्ज कराने की धमकी दी। सौरभ कोई काम नहीं कर रहा था और उसे रुपये की जरूरत थी। इस कारण आरोपी ने उससे कार्रवाई नहीं करने के बदले में रुपये मांगे। इससे अमन रुपयों की तलाश में जुट गया था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इन सब बातों की जांच चल रही है। जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
पुलिस टीम को एक लाख रुपये इनाम
बिसरख कोतवाली प्रभारी मुनीष चौहान, क्राइम ब्रांच एसओजी प्रभारी यतेंद्र, सर्विलांस, साइबर आदि टीमें वारदात के खुलासे में जुटीं थीं। खुलासा करने वाली टीम को पुलिस आयुक्त ने एक लाख रुपये इनाम देने की घोषणा की है।