ठगों की ठगी का जाल: टास्क देकर ट्रांसफर करवाते थे पैसा, फिर काम होने पर अकाउंट कर देते ब्लॉक, दो गिरफ्तार
शाहदरा साइबर सेल ने सोशल मीडिया ऐप इंस्टाग्राम पर पैसे कमाने का झांसा देकर लाखों की ठगी करने वाले दो जालसाजों को गिरफ्तार किया है। 30 पीड़ितों से 20 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है।
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शाहदरा जिला साइबर सेल ने इंस्टाग्राम पर पैसे कमाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी इंस्टाग्राम पर टास्क देकर उसपर पीड़ितों से पैसे ट्रांसफर करवाते हैं और फिर उन्हें ज्यादा रकम वापस करते हैं। पीड़ितों का विश्वास जीतने के बाद आरोपी उन्हें ज्यादा लाभ का प्रलोभन देकर मोटी रकम ट्रांसफर करवाते हैं और फिर पीड़ितों से पैसे मिलने के बाद उनके अकाउंट को ब्लॉक कर देते हैं।
20 लाख रुपये की ठगी का आरोप
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से डेबिट कार्ड, सिम, चेक बुक और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में 30 लोगों से 20 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गांव हरिपुरा राजस्थान निवासी पवन कुमार (26) और गौर सिटी-2 ग्रेटर नोएडा निवासी अश्वनी के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि शाहदरा साइबर सेल को सितंबर माह में ठगी की शिकायत मिली। जिसमें शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्हें अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज मिला। जिसमें उन्हें सोशल मीडिया अकाउंट को लाइक कर पैसे कमाने की बात कही गई।
सोशल मीडिया पर बनाते थे जाल
संपर्क करने के बाद आरोपियों ने उन्हें एक टेलीग्राम ग्रुप में शामिल किया। टेलीग्राम पर उन्हें लाइक करने का टास्क दिया गया। साथ ही अकाउंट की खरीद-फरोख्त का काम दिया गया। प्रत्येक कार्य के लिए उससे अग्रिम पैसे जमा करने के लिए कहा गया। सबसे पहले जालसाज अपने दिए गए अकाउंट नंबर में पांच हजार रुपये ट्रांसफर करवाए। कार्य पूरा होने के बाद पीड़ित को छह हजार रुपये दिए। फिर अधिक रिटर्न का लालच देकर पीड़ित से करीब 8 लाख रुपये की ठगी कर ली। पैसे वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने साइबर में शिकायत की।
पुलिस ने मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच की शुरू
निरीक्षक अवधेश कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों के मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच की। पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए 29 सितंबर को पवन कुमार को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया। ठगी की रकम पवन के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। उसके कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल फोन, 5 सिम कार्ड और 3 डेबिट कार्ड बरामद कर लिए। जांच में पता चला कि उसके खाते से पैसे सह-आरोपी अश्वनी के बैंक खाते में गए हैं।
पुलिस ने तकनीकी जांच कर अंकित को ग्रेटर नोएडा से गिरफ्तार कर लिया। अश्वनी के कब्जे से पुलिस ने दो मोबाइल फोन और एक चेक बुक बरामद कर ली। पुलिस को इस मामले में तीसरे आरोपी सैंडी के शामिल होने का पता चला है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि जांच में 30 शिकायतें इनके बैंक खातों से जुड़ी पाई गईं। इन बैंक खातों के जरिए जालसाजों ने 20 लाख रुपये के लेन देन किए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।