10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए बड़ी खबर, सीबीएसई बोर्ड परीक्षा के टाइम टेबल में बदलाव
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केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड 2019 में होने वाली दसवीं व बारहवीं की परीक्षाओं के टाइम टेबल में बदलाव करने जा रहा है। बोर्ड अगले साल बोर्ड परीक्षाएं दो चरणों में आयोजित करेगा। फरवरी में वोकेशनल विषयों की परीक्षा आयोजित होगी। जबकि एकेडमिक विषयों की परीक्षा पहले की भांति मार्च में बाहरी सेंटरों पर आयोजित की जाएगी। इन विषयों में भाषा, गणित, फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉयोलॉजी, भूगोल, इकोनॉमिक्स, बिजनेस स्टडीज, एकाउंटेंसी, समेत अन्य अन्य विषय शामिल हैं। सीबीएसई ने यह निर्णय अदालत के आदेश के अनुसरण में लिया है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने जुलाई में दिल्ली विश्वविद्यालय व सीबीएसई को निर्देशित किया था कि वह अगले शैक्षिक सत्र के लिए दाखिले के लिए सीबीएसई रिजल्ट, पुनर्मूल्यांकन के परिणामों, व कटऑफ की तिथियों का ध्यान रखें। ताकि छात्रों को परेशानी उठानी ना पड़े। इसके बाद मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने सीबीएसई व डीयू को आपस में बात कर इस दिशा में कदम उठाने को कहा था। काफी विचार-विमर्श के बाद सीबीएसई ने फरवरी के उत्तरार्द्ध में सभी वोकेशनल विषयों की परीक्षा कराने का फैसला किया। बोर्ड की ओर से बारहवीं में 40 वोकेशनल विषय व दसवीं में 15 वोकेशनल विषय का विकल्प उपलब्ध कराया जाता है।
बोर्ड दसवीं व बारहवीं में 55 एकेडमिक विषयों का देता है विकल्प
ऐसे विषयों जिनमें थ्योरी कम व प्रैक्टिकल का भाग ज्यादा होता है, उन विषयों की परीक्षा भी फरवरी में ही आयोजित की जाएगी। इनमें टाइपोग्रॉफी, कंप्यूटर ऐप्लिकेशन (अंग्रेजी), वेब ऐप्लिकेशन, ग्राफिक्स, ऑफिस कम्यूनिकेशन जैसे विषय शामिल हैं। इससे बोर्ड को मुख्य परीक्षा व पुनर्मूल्यांकन परीक्षा के रिजल्ट जल्दी देने में सुविधा होगी। सीबीएसई दसवीं व बारहवीं में 240 एकेडमिक विषयों का विकल्प देता है। बारहवीं में भाषा अनिवार्य विषय के रुप में होती है। जबकि दसवीं में भाषा, गणित, साइंस व सोश्ल साइंस अनिवार्य विषय होते हैं। सीबीएसई के जिन विषयों की परीक्षा फरवरी व मार्च में होगी, उनके संबंध में अगले सप्ताह जानकारी जारी कर दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि परीक्षा तिथियों में ऐसे बदलाव की सिफारिश अप्रैल में बनी हाई पावर कमेटी ने भी की थी।