केंद्र ने विधायकों की सैलरी का विधेयक लौटाया, कैबिनेट ने फिर दी मंजूरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी सरकार विधायकों के वेतन वृद्धि के विधेयक को अब सिस्टम से केंद्र सरकार की मंजूरी लेने के बाद दोबारा विधानसभा में पास करेगी। विधेयक केंद्र सरकार से वापस मिलने के बाद बुधवार को दिल्ली कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दी है।
जो उपराज्यपाल के मध्यम से केंद्र को भेजी जाएगी। पहले जो विधायकों के वेतन वृद्धि का विधेयक को केंद्र सरकार भेजा गया था, उसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली थी। इस पर बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विपक्षी दल से बिल वापस दिलवाने की अपील भी की थी।
आप सरकार ने 3 दिसंबर 2015 को विधायक, मंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, विस उपाध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, मुख्य सचेतक के वेतन से जुड़े छह संशोधन विधेयक विस में पास किए थे।
केंद्र सरकार ने विधायक-मंत्री के वेतन वृद्धि की फाइल लौटा दी
हालांकि इस विधेयक को विस में मंजूरी देने से पहले केंद्र सरकार की अनुमति लेने की सलाह उपराज्यपाल नजीब जंग ने फाइल पर दी थी। आप सरकार ने विस से मंजूरी दिए जाने के बाद केंद्र सरकार को फाइल भेजी थी।
इसमें विधायकों का वेतन भत्ता 84 हजार रुपये मासिक से बढ़ाकर 2.10 लाख रुपये व मंत्री का वेतन भत्ता 2.40 लाख रुपये किया गया था। सूत्रों के अनुसार इसी सप्ताह केंद्र सरकार ने विधायक-मंत्री के वेतन वृद्धि की फाइल यह कहकर लौटा दी कि प्रक्रिया का पालन करें।
उसे देखते हुए बुधवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने प्रक्रिया से विधेयक केंद्र सरकार को भेजकर फिर विस में पास करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। अब उपराज्यपाल के माध्यम से जल्द इसे केंद्र सरकार को भेजा जाएगा।