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Delhi: पत्राचार विद्यालय के विद्यार्थियों का भविष्य अधर में, 2025 से परीक्षा आयोजित नहीं करेगा सीबीएसई
Tue, 23 Apr 2024 02:06 AM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Tue, 23 Apr 2024 02:06 AM IST
सार
सीबीएसई ने पत्राचार विद्यालय के छात्रों के लिए परीक्षाएं आयोजित न करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने इस योजना को बंद करने जा रहा है। जबकि शिक्षा निदेशालय की ओर से सीबीएसई से पत्राचार विद्यालय के लिए संबद्धता जारी रखने का अनुरोध किया गया है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली में पत्राचार विद्यालय से पढ़ाई करने वालों का भविष्य अधर में है। पत्राचार के माध्यम से पढ़ाई करने वाले अगले साल(वर्ष 2025) के बाद सीबीएसई की परीक्षा नहीं दे सकेंगे। दरअसल सीबीएसई ने पत्राचार विद्यालय के छात्रों के लिए परीक्षाएं आयोजित न करने का फैसला लिया है। बोर्ड ने इस योजना को बंद करने जा रहा है। जबकि शिक्षा निदेशालय की ओर से सीबीएसई से पत्राचार विद्यालय के लिए संबद्धता जारी रखने का अनुरोध किया गया है।
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पत्राचार विद्यालय सीबीएसई से संबद्ध होते हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से 1968 में पत्राचार विद्यालय को स्थापित किया गया था। यह अनौपचारिक शिक्षा के लिए एक प्रमुख संस्था है। इसकी स्थापना सामाजिक, शैक्षिक व आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। इसमें दिल्ली में रहने वाले अभ्यर्थी ही दाखिला ले सकते हैं। खासकर ऐसे लोग जो नियमित रूप से विद्यालय जाने में असमर्थ होते हैं वह दाखिला लेते हैं। जो छात्र लगातार दो वर्षों तक दसवीं व बारहवीं में पास नहीं हो पाते हैं उन्हें स्कूल में दाखिला नहीं दिया जाता है और वह पत्राचार विद्यालय में दाखिला ले लेते हैं।
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बताया जा रहा है कि पत्राचार विद्यालय की संबद्धता को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कार्यान्वयन के कारण खत्म किया जा रहा है। शिक्षा निदेशालय की ओर से छात्रों के हित को देखत हुए पत्राचार विद्यालय के साथ अपनी संबद्धता जारी रखने का अनुरोध किया गया है। जो कि सामाजिक-आर्थिक कारणों से नियमित छात्रों के रूप में स्कूली शिक्षा जारी नहीं रख सकते हैं। बोर्ड की ओर से नियमित स्कूल जाने वाले छात्रों के साथ ही इनके लिए परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं। पत्राचार विद्यालय की ओर से सीबीएसई की ओर से दी गई सभी विशेष रियायतें वापस लेने की पेशकश की हैं लेकिन पत्राचार विद्यालय की संबद्धता जारी रखने की अनुमति देने को कहा है। कहा जा रहा है कि इन छात्रों को दिल्ली मॉडल वर्चुअल स्कूल और दिल्ली बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन के माध्यम से उनका मूल्यांकन किया जा सकता है।
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