क्या PM मोदी दे पाएंगे दिल्ली को ये तोहफा?
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दिल्ली में छाए राजनीतिक संकट और दोबारा विधानसभा चुनाव कराए जाने की चर्चाओं के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्लीवासियों को एक अच्छा तोहफा दे सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पीएम मोदी स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने पहले भाषण को ऐतिहासिक बनाने के लिए यह ऐलान कर सकते हैं। लगातार ऐसी चर्चा है कि मोदी इस बार दिल्ली को यह तोहफा जरूर देंगे।
भाजपा ने अपने चुनावी एजेंडे में भी इस बात को शामिल किया था कि दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाया जाएगा। भाजपा के लिए यह मुद्दा इसलिए भी आसान है क्योंकि उसकी विरोधी पार्टियां- कांग्रेस और आप भी ये मांग उठाती रही हैं।
हालांकि स्वतंत्रता दिवस पर इस बात के ऐलान पर कुछ संशय भी ही, क्योंकि दिल्ली के पूर्ण राज्य बनने के बाद केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच कुछ टकराव भी हो सकते हैं।
ये मुद्दा बनेगा विवाद की जड़?
दरअसल, केंद्र शासित प्रदेश होने के चलते अभी दिल्ली की पुलिस और जमीन आदि का मुद्दा केंद्र के अधीन है। लेकिन पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने के बाद इन दोनों ही चीजों पर दिल्ली के मुख्यमंत्री का नियंत्रण होगा।
माना जा रहा है कि दिल्ली में ही संसद, राष्ट्रपति भवन और अन्य महत्वपूर्ण कार्यालय होने की वजह से राजनयिकों और विदेशी लोगों की सुरक्षा का जिम्मा बढ़ जाता है, जोकि अब तक केंद्र की जिम्मेदारी है। दिल्ली पुलिस यदि केंद्र से अलग होगी तो सुरक्षा का मु्द्दा विवाद की जड़ बन सकता है।
हालांकि अभी इस मुद्दे पर भाजपा और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बातचीत का दौर जारी है।
चुनावी वादा पूरा करने का सही समय!
इसके अलावा यह भी संकेत मिले हैं कि केंद्र सरकार दिल्ली के तीनों नगर निगम को मिलाकर एक कर सकती है। गौरतलब है कि शीला दीक्षित सरकार ने इन्हें अलग किया था।
चुनावों में पूर्ण राज्य के मुद्दे को जोर-शोर से उठाने वाली भाजपा के लिए यह वादा पूरा करने की घड़ी है। जिसे अगर अभी नहीं पूरा किया गया तो आगे चलकर थोड़ी मुश्किल हो सकती है।
इसके लिए सबसे बेहतर यह हो सकता है कि केंद्र सरकार सुरक्षा और जमीन के मुद्दे अपने पास रखे और अन्य मामलों में राज्य को महत्व दे। या फिर दिल्ली में विशेष पुलिस बल की तैनाती की जाए।
दिल्ली विधानसभा में कब-कब पास हुआ पूर्ण राज्य का प्रस्ताव
- 12 मई, 1954 विधानसभा में
- 11 नवंबर, 1983 में मेट्रोपोलिटन काउंसिल
- 3 जून, 1988 में मेट्रोपोलिटन काउंसिल
- 26 अगस्त, 1994 विधानसभा में
- 11 सितंबर, 2002 विधानसभा में