पैसा मांगने घर आए शख्स तो महिला बोली दोनों ने किया रेप
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ऋण की अदायगी को लेकर एक महिला ने दो व्यक्तियों का जीवन खराब कर दिया। उसने दोनों पर रेप का आरोप लगाया। एक ने तो शर्म से आत्महत्या कर ली। जबकि,दूसरे को अदालत ने बरी कर दिया।
पेश मामला नजफगढ़ क्षेत्र का है। महिला ने शिकायत में बताया था कि उसने अपने परिचित परमानंद से करीब पांच लाख और छतर सिंह से 2.67 लाख रुपये लिये थे।
3 जुलाई 14 को शाम सात बजे परमानंद उसके घर आया और पैसे देने को कहा। महिला के समय मांगने पर उसका रेप कर फरार हो गया। इसके पांच से 10 मिनट बाद छतर सिंह आया।
छतर सिंह ने 7 जुलाई 14 को आत्महत्या कर ली
उसने भी पैसे मांगे और नहीं होने का तर्क देने पर उसने भी रेप किया। छतर सिंह ने 7 जुलाई 14 को आत्महत्या कर ली। वहीं, परमानंद ने कहा कि महिला ने उसे फर्जी मामले में फंसाया है।
द्वारका अदालत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विरेन्द्र भट्ट ने इस मामले में शुक्रवार को आरोपी परमानंद को बरी कर दिया। उन्होंने फैसले में कहा कि सभी तथ्यों व साक्ष्यों से स्पष्ट है कि यह मामला रेप का है ही नहीं, बल्कि वित्तीय लेनदेन का है।
महिला ने रेप के फर्जी मामले में आरोपी परमानंद को फंसाया है। साक्ष्यों से स्पष्ट है कि आरोपी ने महिला को पांच से छह लाख रुपये का ऋण दिया था।
साबित नहीं हो पाया कि रेप हुआ
जब उसने पैसे वापस मांगे तो महिला ने रेप के मामले में फंसा दिया। अदालत ने कहा कि चिकित्सा रिपोर्ट व डीएनए रिपोर्ट से भी साबित नहीं हो पाया कि रेप हुआ।
महिला ने स्वयं माना है कि आरोपी से ऋण लिया था और वापस नहीं किया। ऐसे में इसकी पूरी संभावना है कि उसने आरोपी को फर्जी मामले में फंसाया है।
ताकि, ऋण को न चुकाया जा सके। महिला के बयान भी विरोधाभासी हैं। वहीं अभियोजन पक्ष एक भी साक्ष्य पेश नहीं कर पाया, जिससे यह लगे कि महिला से रेप हुआ है।