Delhi: पार्क में बने मंदिर को तुड़वाने की मांग करने पर कारोबारी की हत्या, महिला ने दस लाख की दी थी सुपारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इंदिरा कैंप नारायणा निवासी रेणु देवी, गुरुग्राम हरियाणा निवासी सचिन, भारत, रोहित, फरीदाबाद हरियाणा निवासी सुमित और गाजियाबाद यूपी निवासी सौरव त्यागी के रूप में हुई है।
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पार्क में बने मंदिर को तुड़वाने के लिए दिल्ली नगर निगम से शिकायत करना एक कारोबारी के लिए जानलेवा साबित हुआ। मंदिर बनवाने वाली महिला ने बदमाशों को दस लाख की सुपारी देकर उसकी हत्या करवा दी। 30 मार्च को चार बदमाशों ने नारायणा इलाके में कनपटी में गोली मारकर हत्या कर दी।
मामले की छानबीन करते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पुलिस ने एक पिस्टल, दो कारतूस, एक खोखा, एक स्कूटी और बदमाशों को भगाने में इस्तेमाल हुई 20 कार बरामद कर ली है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इंदिरा कैंप नारायणा निवासी रेणु देवी, गुरुग्राम हरियाणा निवासी सचिन, भारत, रोहित, फरीदाबाद हरियाणा निवासी सुमित और गाजियाबाद यूपी निवासी सौरव त्यागी के रूप में हुई है।
सौरव ने बदमाशों को दिल्ली से भगाने में मदद की थी। 30 मार्च की रात 12.15 बजे नारायणा पुलिस को पल्म स्प्रींग गेट संख्या दो के पास एक स्विफ्ट कार में एक शख्स के अचेत पड़े होने की जानकारी मिली। ड्राइविंग सीट पर बैठे शख्स के सिर से खून निकल रहा था। पुलिसकर्मियों ने उसे दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में पता चला कि उसकी सिर में गोली मारकर हत्या की गई है। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया। मृतक की शिनाख्त द्वारका निवासी कमल कुमार (55) के रूप में हुई। कमल नारायणा मार्केट में एक ढाबा और मोबाइल कलपुर्जों की दुकान चलाते थे। पुलिस टीम को छानबीन के दौरान पता चला कि कमल इंदिरा गांधी कैंप स्थित एक पार्क में बने मंदिर को लेकर दिल्ली नगर निगम में लगातार शिकायत करते थे।
उन्होंने मंदिर तोड़ने की मांग की थी। इसकी वजह से मंदिर बनाने वाली रेणु देवी और कमल के बीच कई बार विवाद हुआ था। पुलिस ने रेणु देवी को जांच में शामिल होने का नोटिस दिया, लेकिन वह जांच में सहयोग नहीं कर रही थी। इस बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि वारदात को अंजाम देने वाले सभी आरोपी आई 20 कार से हिमाचल प्रदेश भाग गए हैं। पुलिस टीम हिमाचल प्रदेश पहुंची, लेकिन संदिग्ध पुलिस टीम को चकमा देते रहे। तकनीकी जांच से मिले साक्ष्य के आधार पर रेणु को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। उसने बताया कि मृतक ने उसके खिलाफ कई शिकायतें दर्ज की थीं इसलिए उसने कमल की हत्या की साजिश रची।
10 लाख में हुआ था सौदा
उसने सचिन के साथ दस लाख में सौदा तय किया। उसे हथियार खरीदने के लिए 60 हजार रुपये दिए और बाद में बाकी रकम देने की बात कही। सचिन ने सुमित, भरत और रोहित के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने हिरासत में मौजूद रेणु के जरिए आरोपियों को पैसे लेने के लिए बुलाया और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इनकी निशानदेही पर पुलिस ने पांचवें आरोपी सौरव त्यागी को गिरफ्तार कर लिया।