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Delhi NCR News: डीटीसी चालकों की हड़ताल से चौथे दिन भी बेहाल रही बस सेवा, मेट्रो ने संभाला मोर्चा
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2,500-3,000 बसें सड़कों पर लौटीं, फिर भी कई रूटों पर यात्रियों को करना पड़ा लंबा इंतजार
रिकॉर्ड एक नजर में...
82.44 लाख यात्रियों ने किया मेट्रो से सफर बृहस्पतिवार को
81.88 लाख यात्रियों ने 8 अगस्त 2025 को किया था इससे पहले सफर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डीटीसी बस चालकों और परिचालकों की हड़ताल के चौथे दिन शुक्रवार को राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव बना रहा। हालांकि, बृहस्पतिवार की तुलना में शुक्रवार को सड़कों पर बसों की संख्या बढ़ी और करीब 7,500 इलेक्ट्रिक व सीएनजी बसों में से 2,500 से 3,000 बसें चलती दिखाई दीं। इसके बावजूद कई इलाकों में यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। बड़ी संख्या में यात्रियों ने मेट्रो, ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का सहारा लिया।
राजधानी के करीब 52 डिपो में बस चालक यूनियनों का विरोध जारी रहा। सरकार और यूनियनें अपने-अपने मुद्दों पर अड़ी रहीं। बसों की सीमित उपलब्धता का असर सबसे ज्यादा उन यात्रियों पर पड़ा, जिनके गंतव्य मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़े नहीं हैं। कई बस स्टॉप और डिपो पर यात्री बस आने का इंतजार करते नजर आए।
आठ अतिरिक्त मेट्रो चलाई गईं और 20 अतिरिक्त फेरे लगाए
हड़ताल के चरम पर पहुंचने के दौरान बृहस्पतिवार को दिल्ली मेट्रो ने सार्वजनिक परिवहन का बड़ा हिस्सा संभाला। डीएमआरसी के अनुसार, 17 सितंबर को मेट्रो में 82,44,903 यात्रियों ने बोर्डिंग की। यह मेट्रो में एक दिन में अब तक की सर्वाधिक बोर्डिंग है। इससे पहले सर्वाधिक बोर्डिंग का रिकॉर्ड 8 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ था, जब 81,88,115 यात्रियों ने मेट्रो में बोर्डिंग की थी। बृहस्पतिवार का आंकड़ा पुराने रिकॉर्ड से 56,788 अधिक रहा। वहीं, 16 सितंबर को दर्ज 80,71,630 बोर्डिंग की तुलना में 17 सितंबर को करीब 1.73 लाख अधिक यात्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया।
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शुक्रवार को भी मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बनी रही। राजीव चौक, कश्मीरी गेट, बॉटेनिकल गार्डन, पटेल चौक, हौज खास और नई दिल्ली समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही अधिक रही। यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए आठ अतिरिक्त मेट्रो चलाई गईं और 20 अतिरिक्त फेरे लगाए गए।
मेट्रो, ऑटो और ई-रिक्शा बने वैकल्पिक साधन
डीटीसी बसों की संख्या घटने से यात्रियों का दबाव वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन साधनों पर बढ़ गया। मेट्रो सबसे प्रमुख विकल्प रही, जबकि छोटे और मध्यम दूरी के लिए ऑटो और ई-रिक्शा का इस्तेमाल बढ़ा। कुछ यात्रियों ने कैब का भी सहारा लिया। हालांकि, ऑटो के अधिक किराए की शिकायतें भी सामने आईं।
येलो लाइन पर सबसे ज्यादा भीड़
डीएमआरसी के अनुसार, बृहस्पतिवार को मेट्रो के विभिन्न कॉरिडोर में येलो लाइन पर सबसे अधिक 20,89,465 यात्री बोर्डिंग दर्ज की गईं। इसके बाद ब्लू लाइन पर 17,28,658, पिंक लाइन पर 9,41,527 और रेड लाइन पर 8,80,059 बोर्डिंग दर्ज हुईं। कुल यात्री बोर्डिंग के आंकड़े में एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और रैपिड मेट्रो गुरुग्राम की यात्री संख्या भी शामिल है।
मेट्रो में सर्वाधिक पांच बोर्डिंग आंकड़े
तारीख
यात्री बोर्डिंग
17 सितंबर 2026
82,44,903
8 अगस्त 2025
81,88,115
27 अगस्त 2026
81,01,159
11 अगस्त 2025
80,97,551
16 सितंबर 2026
80,71,630
-- --
यात्री बोले
देरी से पहुंच रहे कार्यालय
जीपीओ के पास एक कंपनी में कार्य करते हैं। खजूरी खास से चार दिनों से लगातार बस स्टॉप पर खड़े रहते हैं लेकिन एक-एक घंटे बस नहीं मिलती है। कार्यालय पहुंचने में देरी होती है। राजकुमार, निवासी खजूरी खास
-- --
चार दिनों से हड़ताल ने परेशान किया
चार दिनों से लगातार डीटीसी की हड़ताल से आने जाने में समय लग रहा है। घंटों बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को तो बस मिली ही नहीं, आज (शुक्रवार) कुछ बस आती दिखाई दे रही हैं।
-सिकंदर पासवान, कश्मीरी गेट
-- -
आधे घंटे से कर रहे इंतजार
आरएमएल अस्पताल में आई थी, यहां एनडीपीओ से बस का इंतजार करते हुए आधे घंटे हो गए हैं। बस हड़ताल से हमें परेशानी हो रही है।
चेतन देवी, निवासी भजनपुरा
-- -
सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकलना पड़ता है
पटेल चौक के निकट कार्यालय है। प्रतिदिन सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकलना पड़ता है। चार दिनों से चल रही बसों की हड़ताल से परेशान हैं। पता नहीं कब हड़ताल खत्म होगी। घर भी देरी से पहुंच रहे हैं।
धर्म सिंह, निवासी कल्याणपुरी
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आनंद विहार में दो घंटे में सिर्फ तीन बसें पहुंचीं, मेट्रो स्टेशनों पर रहीं कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर हड़ताल का असर शुक्रवार को साफ नजर आया। रोजाना बड़ी संख्या में बसों की आवाजाही वाले इस बस अड्डे पर दोपहर दो से चार बजे के बीच महज तीन बसें पहुंचीं। बस शिफ्ट इंचार्ज के अनुसार, इस अवधि में केवल तीन बसें डिपो पहुंची थीं। इसके चलते यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई लोग बिना बस मिले ही लौट गए। कई यात्रियों को बस हड़ताल की जानकारी मौके पर पहुंचने के बाद मिली।
पालम जाने वाले पुष्पक करीब आधे घंटे तक बस का इंतजार करते रहे। बाद में हड़ताल की जानकारी मिलने पर उन्हें मेट्रो का सहारा लेना पड़ा। नूर इस्लाम को भी बस अड्डे पहुंचने के बाद हड़ताल के बारे में पता चला और उन्होंने ऑटो से जाने का फैसला किया। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग यात्रियों को उठानी पड़ी। करीब 60 वर्षीय रघुवीर ने बताया कि पालम तक जाने के लिए ऑटो चालक 200 रुपये मांग रहे थे, जबकि बस से यही सफर करीब 40 रुपये में हो जाता है। अधिक किराया देने में असमर्थ रघुवीर कुछ देर बस अड्डे पर बैठे रहे और बाद में घर लौट गए। बस सेवा प्रभावित होने के कारण आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ गई। टिकट काउंटर के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और यात्रियों को टिकट के लिए इंतजार करना पड़ा।
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सरकार से नहीं मिला कोई आश्वासन
डीटीसी बस चालकों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए है। सरकार ने अभी तक हमारी मांगों को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया है।
-मनोज शर्मा, महामंत्री डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन संबद्ध शिवसेना
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रिकॉर्ड एक नजर में...
82.44 लाख यात्रियों ने किया मेट्रो से सफर बृहस्पतिवार को
81.88 लाख यात्रियों ने 8 अगस्त 2025 को किया था इससे पहले सफर
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। डीटीसी बस चालकों और परिचालकों की हड़ताल के चौथे दिन शुक्रवार को राजधानी की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर दबाव बना रहा। हालांकि, बृहस्पतिवार की तुलना में शुक्रवार को सड़कों पर बसों की संख्या बढ़ी और करीब 7,500 इलेक्ट्रिक व सीएनजी बसों में से 2,500 से 3,000 बसें चलती दिखाई दीं। इसके बावजूद कई इलाकों में यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। बड़ी संख्या में यात्रियों ने मेट्रो, ऑटो, ई-रिक्शा और कैब का सहारा लिया।
राजधानी के करीब 52 डिपो में बस चालक यूनियनों का विरोध जारी रहा। सरकार और यूनियनें अपने-अपने मुद्दों पर अड़ी रहीं। बसों की सीमित उपलब्धता का असर सबसे ज्यादा उन यात्रियों पर पड़ा, जिनके गंतव्य मेट्रो नेटवर्क से सीधे जुड़े नहीं हैं। कई बस स्टॉप और डिपो पर यात्री बस आने का इंतजार करते नजर आए।
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आठ अतिरिक्त मेट्रो चलाई गईं और 20 अतिरिक्त फेरे लगाए
हड़ताल के चरम पर पहुंचने के दौरान बृहस्पतिवार को दिल्ली मेट्रो ने सार्वजनिक परिवहन का बड़ा हिस्सा संभाला। डीएमआरसी के अनुसार, 17 सितंबर को मेट्रो में 82,44,903 यात्रियों ने बोर्डिंग की। यह मेट्रो में एक दिन में अब तक की सर्वाधिक बोर्डिंग है। इससे पहले सर्वाधिक बोर्डिंग का रिकॉर्ड 8 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ था, जब 81,88,115 यात्रियों ने मेट्रो में बोर्डिंग की थी। बृहस्पतिवार का आंकड़ा पुराने रिकॉर्ड से 56,788 अधिक रहा। वहीं, 16 सितंबर को दर्ज 80,71,630 बोर्डिंग की तुलना में 17 सितंबर को करीब 1.73 लाख अधिक यात्रियों ने मेट्रो का इस्तेमाल किया।
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शुक्रवार को भी मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बनी रही। राजीव चौक, कश्मीरी गेट, बॉटेनिकल गार्डन, पटेल चौक, हौज खास और नई दिल्ली समेत कई स्टेशनों पर यात्रियों की आवाजाही अधिक रही। यात्रियों की बढ़ी संख्या को देखते हुए आठ अतिरिक्त मेट्रो चलाई गईं और 20 अतिरिक्त फेरे लगाए गए।
मेट्रो, ऑटो और ई-रिक्शा बने वैकल्पिक साधन
डीटीसी बसों की संख्या घटने से यात्रियों का दबाव वैकल्पिक सार्वजनिक परिवहन साधनों पर बढ़ गया। मेट्रो सबसे प्रमुख विकल्प रही, जबकि छोटे और मध्यम दूरी के लिए ऑटो और ई-रिक्शा का इस्तेमाल बढ़ा। कुछ यात्रियों ने कैब का भी सहारा लिया। हालांकि, ऑटो के अधिक किराए की शिकायतें भी सामने आईं।
येलो लाइन पर सबसे ज्यादा भीड़
डीएमआरसी के अनुसार, बृहस्पतिवार को मेट्रो के विभिन्न कॉरिडोर में येलो लाइन पर सबसे अधिक 20,89,465 यात्री बोर्डिंग दर्ज की गईं। इसके बाद ब्लू लाइन पर 17,28,658, पिंक लाइन पर 9,41,527 और रेड लाइन पर 8,80,059 बोर्डिंग दर्ज हुईं। कुल यात्री बोर्डिंग के आंकड़े में एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन और रैपिड मेट्रो गुरुग्राम की यात्री संख्या भी शामिल है।
मेट्रो में सर्वाधिक पांच बोर्डिंग आंकड़े
तारीख
यात्री बोर्डिंग
17 सितंबर 2026
82,44,903
8 अगस्त 2025
81,88,115
27 अगस्त 2026
81,01,159
11 अगस्त 2025
80,97,551
16 सितंबर 2026
80,71,630
यात्री बोले
देरी से पहुंच रहे कार्यालय
जीपीओ के पास एक कंपनी में कार्य करते हैं। खजूरी खास से चार दिनों से लगातार बस स्टॉप पर खड़े रहते हैं लेकिन एक-एक घंटे बस नहीं मिलती है। कार्यालय पहुंचने में देरी होती है। राजकुमार, निवासी खजूरी खास
चार दिनों से हड़ताल ने परेशान किया
चार दिनों से लगातार डीटीसी की हड़ताल से आने जाने में समय लग रहा है। घंटों बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को तो बस मिली ही नहीं, आज (शुक्रवार) कुछ बस आती दिखाई दे रही हैं।
-सिकंदर पासवान, कश्मीरी गेट
आधे घंटे से कर रहे इंतजार
आरएमएल अस्पताल में आई थी, यहां एनडीपीओ से बस का इंतजार करते हुए आधे घंटे हो गए हैं। बस हड़ताल से हमें परेशानी हो रही है।
चेतन देवी, निवासी भजनपुरा
सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकलना पड़ता है
पटेल चौक के निकट कार्यालय है। प्रतिदिन सुबह एक घंटे पहले ही घर से निकलना पड़ता है। चार दिनों से चल रही बसों की हड़ताल से परेशान हैं। पता नहीं कब हड़ताल खत्म होगी। घर भी देरी से पहुंच रहे हैं।
धर्म सिंह, निवासी कल्याणपुरी
आनंद विहार में दो घंटे में सिर्फ तीन बसें पहुंचीं, मेट्रो स्टेशनों पर रहीं कतारें
संवाद न्यूज एजेंसी
पूर्वी दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार बस अड्डे पर हड़ताल का असर शुक्रवार को साफ नजर आया। रोजाना बड़ी संख्या में बसों की आवाजाही वाले इस बस अड्डे पर दोपहर दो से चार बजे के बीच महज तीन बसें पहुंचीं। बस शिफ्ट इंचार्ज के अनुसार, इस अवधि में केवल तीन बसें डिपो पहुंची थीं। इसके चलते यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई लोग बिना बस मिले ही लौट गए। कई यात्रियों को बस हड़ताल की जानकारी मौके पर पहुंचने के बाद मिली।
पालम जाने वाले पुष्पक करीब आधे घंटे तक बस का इंतजार करते रहे। बाद में हड़ताल की जानकारी मिलने पर उन्हें मेट्रो का सहारा लेना पड़ा। नूर इस्लाम को भी बस अड्डे पहुंचने के बाद हड़ताल के बारे में पता चला और उन्होंने ऑटो से जाने का फैसला किया। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्ग यात्रियों को उठानी पड़ी। करीब 60 वर्षीय रघुवीर ने बताया कि पालम तक जाने के लिए ऑटो चालक 200 रुपये मांग रहे थे, जबकि बस से यही सफर करीब 40 रुपये में हो जाता है। अधिक किराया देने में असमर्थ रघुवीर कुछ देर बस अड्डे पर बैठे रहे और बाद में घर लौट गए। बस सेवा प्रभावित होने के कारण आनंद विहार मेट्रो स्टेशन पर भी यात्रियों की संख्या बढ़ गई। टिकट काउंटर के बाहर लंबी कतारें लगी रहीं और यात्रियों को टिकट के लिए इंतजार करना पड़ा।
सरकार से नहीं मिला कोई आश्वासन
डीटीसी बस चालकों की मांगों पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। हड़ताल अनिश्चितकाल के लिए है। सरकार ने अभी तक हमारी मांगों को लेकर कोई आश्वासन नहीं दिया है।
-मनोज शर्मा, महामंत्री डीटीसी कर्मचारी एकता यूनियन संबद्ध शिवसेना