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बुलंदशहर हिंसा: मुख्य आरोपी अब भी गिरफ्त से दूर, नए वीडियो में एक और ने कहा- मैं निर्दोष
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Thu, 06 Dec 2018 09:42 PM IST
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yogesh raj
- फोटो : अमर उजाला
स्याना में बवाल के चार दिन बाद भी मुख्य आरोपी योगेश को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है। पुलिस अभी साक्ष्य जुटाने में लगी है। पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि अभी तक जो भी वीडियो वायरल हुए हैं उनकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। बता दें कि बवाल के बाद पुलिस ने दो एफआईआर दर्ज की थी। जिनमें अभी तक केवल सात गिरफ्तारी ही हो सकी हैं। साक्ष्यों के आधार पर ही आरोपियों की गिरफ्तारी करने की बात कही जा रही है।
स्याना क्षेत्र में सोमवार को कथित गोकशी के बाद चिंगरावठी चौकी पर हुए पथराव और फायरिंग में स्याना इंस्पेक्टर और चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में दो एफआईआर दर्ज की। पहली एफआईआर बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की तरफ से सात नामजद लोगों के खिलाफ गोकशी के मामले में दर्ज कराई गई।
इसके बाद सोमवार देर रात को ही बलवे, हत्या और हत्या की कोशिश के मामले में एक एफआईआर चिंगरावठी पुलिस चौकी इंचार्ज सुरेश कुमार की तहरीर पर दर्ज की गई थी। जिसमें योगेश राज समेत 27 लोगों को नामजद और करीब 60 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। गोकशी और बलवे को चार दिन का समय बीत चुका है और पुलिस दोनों ही मामलों में केवल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है। जिनमें चार आरोपियों को गोकशी में जेल भेजा गया है। जबकि, तीन आरोपी बलवे, हत्या के मामले में जेल गए हैं।
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बलवे के मामले में पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी बनाए गए योगेश राज को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जबकि, योगेश ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो वायरल कर खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस को चुनौती दे डाली थी। इस बाबत पुलिस का कहना है कि घटना से संबंधित सभी वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। वीडियो में नजर आ रहे सभी लोगों की स्थिति स्पष्ट की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ पहले पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद ही पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कह रही है।
'दोनों ही एफआईआर में सात गिरफ्तारी की जा चुकी है। मुख्य आरोपी योगेश समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। साक्ष्य के आधार पर अग्रिम कार्रवाई आरोपियों के खिलाफ कर उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।'
-रामकुमार, आईजी मेरठ जोन
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स्याना क्षेत्र में सोमवार को कथित गोकशी के बाद चिंगरावठी चौकी पर हुए पथराव और फायरिंग में स्याना इंस्पेक्टर और चिंगरावठी निवासी युवक सुमित की गोली लगने से मौत हो गई थी। पुलिस ने मामले में दो एफआईआर दर्ज की। पहली एफआईआर बजरंग दल के जिला संयोजक योगेश राज की तरफ से सात नामजद लोगों के खिलाफ गोकशी के मामले में दर्ज कराई गई।
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इसके बाद सोमवार देर रात को ही बलवे, हत्या और हत्या की कोशिश के मामले में एक एफआईआर चिंगरावठी पुलिस चौकी इंचार्ज सुरेश कुमार की तहरीर पर दर्ज की गई थी। जिसमें योगेश राज समेत 27 लोगों को नामजद और करीब 60 अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। गोकशी और बलवे को चार दिन का समय बीत चुका है और पुलिस दोनों ही मामलों में केवल सात आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है। जिनमें चार आरोपियों को गोकशी में जेल भेजा गया है। जबकि, तीन आरोपी बलवे, हत्या के मामले में जेल गए हैं।
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बलवे के मामले में पुलिस अभी तक मुख्य आरोपी बनाए गए योगेश राज को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जबकि, योगेश ने बुधवार को सोशल मीडिया पर अपनी वीडियो वायरल कर खुद को निर्दोष बताते हुए पुलिस को चुनौती दे डाली थी। इस बाबत पुलिस का कहना है कि घटना से संबंधित सभी वीडियो को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है। वीडियो में नजर आ रहे सभी लोगों की स्थिति स्पष्ट की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ पहले पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद ही पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कह रही है।
'दोनों ही एफआईआर में सात गिरफ्तारी की जा चुकी है। मुख्य आरोपी योगेश समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ सुबूत जुटाए जा रहे हैं। साक्ष्य के आधार पर अग्रिम कार्रवाई आरोपियों के खिलाफ कर उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।'
-रामकुमार, आईजी मेरठ जोन