फ्लैट नं. डी-409 की इनसाइड स्टोरी: चार दिन से अंदर लटकी थी भाई-बहन की लाश, बाहर पड़े अखबारों से मिला बड़ा हिंट
डीसीपी प्रशांत गौतम के अनुसार, वीरेश और चिंकी दिलशाद गार्डन के डी-409 फ्लैट में साल 2021 से रहे थे। तीन दिन का अखबार बाहर पड़ा मिला, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले तीन दिनों से कोई भी फ्लैट से बाहर नहीं निकला।
विस्तार
यमुनापार के दिलशाद गार्डन स्थित फ्लैट में भाई वीरेश (32) तोमर और बहन चिंकी तोमर (30) ने फंदा लगाकर जान दे दी। फ्लैट से दुर्गंध आने पर मामले का पता चला। पुलिस को आशंका है कि दोनों ने अवसाद में आकर आत्महत्या करने जैसा कदम उठाया। शाहदरा जिले की सीमापुरी थाना पुलिस ने दोनों मोबाइल फोन जांच के लिए भेजे हैं।
डीसीपी प्रशांत गौतम के अनुसार, वीरेश और चिंकी दिलशाद गार्डन के डी-409 फ्लैट में साल 2021 से रहे थे। तीन दिन का अखबार बाहर पड़ा मिला, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि पिछले तीन दिनों से कोई भी फ्लैट से बाहर नहीं निकला। रविवार सुबह दुर्गंध बढ़ने पर पड़ोसियों और फ्लैट मालिक ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। आशंका है कि तीन से चार दिन पहले दोनों ने खुदकुशी की होगी।
माता पिता की हो चुकी है मौत, रिश्तेदारों से बनाई थी दूरी
वीरेश मूलरूप से उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित फतेहपुर चक गांव के रहने वाले थे। पिता देवेंद्र कुमार सेना से जूनियर कमीशन अफसर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे और 2011 उनकी मौत हो गई थी। मां अनीता भी 13 साल पहले चल बसीं। चचेरे भाई विजय तोमर ने बताया कि माता की मौत के दोनों भाई-बहन ने गांव छोड़ दिया था। वीरेश निजी कंपनी में नौकरी करते थे जबकि चिंकी एमबीए कर रही थी। वह परिवार से बात नहीं करते थे। डेढ वर्ष पहले गांव से उन्हें शादी का कार्ड भेजा गया था, लेकिन दोनों ने आने से मना कर दिया था।
डेढ़ माह से नहीं दिया था किराया
बताया जा रहा है कि जिस फ्लैट में दोनों भाई-बहन रह रहे थे। उन्होंने फ्लैट मालिक राजीव को बीते डेढ़ माह से किराया नहीं दिया था। पुलिस के अधिकारी ने बताया कि मृतकों के बैंक खातों की जानकारी की जा रही है। ताकि यह पता लगाया जा सके कि कोई आर्थिक तंगी तो नहीं थी। पुलिस ने दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल में सुरक्षित रखवा दिए हैं।