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यहां दलालों का बड़ा रैकेट सक्रिय, 200 रुपये लेकर करा रहे मरीज का ब्लड टेस्ट
बयूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 29 Sep 2017 09:43 AM IST
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दिल्ली सरकार के सबसे बड़े अस्पताल लोकनायक जयप्रकाश नारायण को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। एक ओर अस्पताल में मरीजों को इलाज करवाना किसी जद्दोजहद से कम नहीं है। वहीं, जल्दी उपचार के लिए खुलेआम परिसर में दलाली का खेल चल रहा है।
बृहस्पतिवार को कुछ मरीजों ने इस पूरे खेल को अपने फोन में कैद भी कर लिया। जिसके बाद हकीकत सामने आई कि एलएनजेपी अस्पताल में 150 से 200 रुपये देकर मरीजों का ब्लड टेस्ट कराया जा रहा है। जबकि दलाली न देने वाले मरीजों को दो से तीन केवल सैंपल जमा कराने में लग रहे हैं।
इतना ही नहीं, अस्पताल में सुबह 11 बजे के बाद सैंपल लेने का काउंटर भी बंद कर दिया जाता है। ऐसे में मरीजों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। पैथोलॉजी विभाग इंचार्ज डॉ. सुनील ने कहा है कि वे अपने स्तर पर दलाली खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। शुक्रवार को इस संदर्भ में नोटिस जारी कर दिया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को आईकार्ड के अलावा प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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बृहस्पतिवार को कुछ मरीजों ने इस पूरे खेल को अपने फोन में कैद भी कर लिया। जिसके बाद हकीकत सामने आई कि एलएनजेपी अस्पताल में 150 से 200 रुपये देकर मरीजों का ब्लड टेस्ट कराया जा रहा है। जबकि दलाली न देने वाले मरीजों को दो से तीन केवल सैंपल जमा कराने में लग रहे हैं।
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इतना ही नहीं, अस्पताल में सुबह 11 बजे के बाद सैंपल लेने का काउंटर भी बंद कर दिया जाता है। ऐसे में मरीजों की परेशानी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। पैथोलॉजी विभाग इंचार्ज डॉ. सुनील ने कहा है कि वे अपने स्तर पर दलाली खत्म करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। शुक्रवार को इस संदर्भ में नोटिस जारी कर दिया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को आईकार्ड के अलावा प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला
सबसे ज्यादा यहां है सुरक्षा
बता दें कि दिल्ली में सबसे ज्यादा सुरक्षा का ध्यान एलएनजेपी अस्पताल में रखा गया है। यहां इमरजेंसी वार्ड के गेट से हेलमेट तक अंदर नहीं ले जा सकते। गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड हेलमेट वाले को रोक देते हैं। वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए इस अस्पताल में थ्री लेयर सुरक्षा है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर इस सुरक्षा के बीच दलाल कैसे परिसर में घूम सकते हैं।
क्या कहते हैं मरीज
अस्पताल में मौजूद 38 वर्षीय एनम ने बताया कि वे पिछले दो दिन से ब्लड टेस्ट कराने के लिए अस्पताल के चक्कर लगा रही हैं। पिछले दिनों उन्होंने डॉक्टर को दिखाया था, वे लंग कैंसर संदिग्ध बताई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को वे 10 बजे अस्पताल पहुंच चुकी थीं। लेकिन उनका ब्लड टेस्ट नहीं हुआ। वहां बताया गया कि काउंटर 11 बजे के बाद नहीं खुलता है। फिर बृहस्पतिवार को भी वे अस्पताल सुबह 8:30 बजे आ गईं, लेकिन लाइन इतनी लंबी थी कि जांच नहीं करवा सकीं।
बता दें कि दिल्ली में सबसे ज्यादा सुरक्षा का ध्यान एलएनजेपी अस्पताल में रखा गया है। यहां इमरजेंसी वार्ड के गेट से हेलमेट तक अंदर नहीं ले जा सकते। गेट पर मौजूद सुरक्षा गार्ड हेलमेट वाले को रोक देते हैं। वहीं डॉक्टरों की सुरक्षा के लिए इस अस्पताल में थ्री लेयर सुरक्षा है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि आखिर इस सुरक्षा के बीच दलाल कैसे परिसर में घूम सकते हैं।
क्या कहते हैं मरीज
अस्पताल में मौजूद 38 वर्षीय एनम ने बताया कि वे पिछले दो दिन से ब्लड टेस्ट कराने के लिए अस्पताल के चक्कर लगा रही हैं। पिछले दिनों उन्होंने डॉक्टर को दिखाया था, वे लंग कैंसर संदिग्ध बताई जा रही हैं। उन्होंने बताया कि बुधवार को वे 10 बजे अस्पताल पहुंच चुकी थीं। लेकिन उनका ब्लड टेस्ट नहीं हुआ। वहां बताया गया कि काउंटर 11 बजे के बाद नहीं खुलता है। फिर बृहस्पतिवार को भी वे अस्पताल सुबह 8:30 बजे आ गईं, लेकिन लाइन इतनी लंबी थी कि जांच नहीं करवा सकीं।
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काउंटर तक पहुंच रहे दलाल
40 वर्षीय हेमकरण ने बताया कि वे पिछले दो दिन से ब्लड टेस्ट कराने के लिए परेशान हो रहे थे। लेकिन बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल आते ही उन्होंने एक सफेद शर्ट वाले व्यक्ति से डील की और उसे 150 रुपये देकर 20 मिनट के भीतर ब्लड टेस्ट करवा लिया। पहले तो दलाल 300 रुपये मांग रहा था, लेकिन बाद में वह 150 पर ही तैयार हो गया था।
हजार से ज्यादा मरीज, टेस्ट 50 फीसदी ही
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल परिसर में हर दिन एक हजार से ज्यादा मरीज ब्लड टेस्ट कराने के लिए आते हैं। लेकिन इनमें से केवल 50 फीसदी रोगियों को ही ब्लड टेस्ट की सुविधा मिल पाती है। एक कर्मचारी ने बुधवार के आंकड़ें देते हुए बताया कि 610 मरीजों का ब्लड टेस्ट यहां कराया गया। जबकि उनके मुताबिक लाइन में करीब 1100 मरीज थे।
दलालों का बड़ा रैकेट है सक्रिय
अस्पतालों में दलालों का बड़ा रैकेट सक्रिय है। यहां ओपीडी से लेकर दवाओं के काउंटर तक हर जगह दलालों का खेल चलता है। ऐसा नहीं है कि इस बारे में प्रबंधन को जानकारी नहीं है। ब्लड सैंपल के अलावा मरीजों का कार्ड और दवा दिलाने के एवज में भी ये लोग दलाली लेते हैं। -भगत सिंह, अध्यक्ष, एलएनजेपी कर्मचारी यूनियन।
40 वर्षीय हेमकरण ने बताया कि वे पिछले दो दिन से ब्लड टेस्ट कराने के लिए परेशान हो रहे थे। लेकिन बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल आते ही उन्होंने एक सफेद शर्ट वाले व्यक्ति से डील की और उसे 150 रुपये देकर 20 मिनट के भीतर ब्लड टेस्ट करवा लिया। पहले तो दलाल 300 रुपये मांग रहा था, लेकिन बाद में वह 150 पर ही तैयार हो गया था।
हजार से ज्यादा मरीज, टेस्ट 50 फीसदी ही
सूत्रों के अनुसार, अस्पताल परिसर में हर दिन एक हजार से ज्यादा मरीज ब्लड टेस्ट कराने के लिए आते हैं। लेकिन इनमें से केवल 50 फीसदी रोगियों को ही ब्लड टेस्ट की सुविधा मिल पाती है। एक कर्मचारी ने बुधवार के आंकड़ें देते हुए बताया कि 610 मरीजों का ब्लड टेस्ट यहां कराया गया। जबकि उनके मुताबिक लाइन में करीब 1100 मरीज थे।
दलालों का बड़ा रैकेट है सक्रिय
अस्पतालों में दलालों का बड़ा रैकेट सक्रिय है। यहां ओपीडी से लेकर दवाओं के काउंटर तक हर जगह दलालों का खेल चलता है। ऐसा नहीं है कि इस बारे में प्रबंधन को जानकारी नहीं है। ब्लड सैंपल के अलावा मरीजों का कार्ड और दवा दिलाने के एवज में भी ये लोग दलाली लेते हैं। -भगत सिंह, अध्यक्ष, एलएनजेपी कर्मचारी यूनियन।