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Delhi NCR News: अगस्तावेस्टलैंड घोटाले में ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की जेल से रिहाई की याचिका खारिज
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के प्रमुख आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की जेल से रिहाई की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने साथ ही भारत-संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रत्यर्पण संधि की धाराओं को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को भी खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने मिशेल की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। मिशेल ने दावा किया था कि प्रत्यर्पण अपराधों की अधिकतम सजा से अधिक समय (यूएई की हिरासत सहित) जेल में बिताने के बाद उन्हें धारा 436ए सीआरपीसी के तहत रिहा किया जाना चाहिए। खंडपीठ ने साफ कहा कि भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि की धारा 21 और संधि के अनुच्छेद 17 में कोई विरोधाभास नहीं है। कोर्ट ने मिशेल के इस तर्क को खारिज कर दिया कि भारतीय एजेंसियों ने प्रत्यर्पण आदेश में उल्लिखित अपराधों से अलग आईपीसी की अतिरिक्त धाराएं लगाकर संधि का उल्लंघन किया। यह मिशेल की ऐसी दूसरी याचिका थी। नवंबर 2025 में भी उनकी एक समान याचिका खारिज की जा चुकी है।
यह है मामला : क्रिश्चियन मिशेल को 4 दिसंबर 2018 को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। वे अगस्तावेस्टलैंड कंपनी के मध्यस्थ के रूप में आरोपी हैं। आरोप है कि उन्होंने कांग्रेस सरकार के समय 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों का सौदा दिलाने के लिए 42.27 करोड़ की रिश्वत का इंतजाम किया।
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नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने अगस्तावेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के प्रमुख आरोपी ब्रिटिश नागरिक क्रिश्चियन मिशेल की जेल से रिहाई की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। कोर्ट ने साथ ही भारत-संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) प्रत्यर्पण संधि की धाराओं को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को भी खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति नवीन चावला और न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की खंडपीठ ने मिशेल की याचिका पर सुनवाई के बाद यह फैसला सुनाया। मिशेल ने दावा किया था कि प्रत्यर्पण अपराधों की अधिकतम सजा से अधिक समय (यूएई की हिरासत सहित) जेल में बिताने के बाद उन्हें धारा 436ए सीआरपीसी के तहत रिहा किया जाना चाहिए। खंडपीठ ने साफ कहा कि भारत-यूएई प्रत्यर्पण संधि की धारा 21 और संधि के अनुच्छेद 17 में कोई विरोधाभास नहीं है। कोर्ट ने मिशेल के इस तर्क को खारिज कर दिया कि भारतीय एजेंसियों ने प्रत्यर्पण आदेश में उल्लिखित अपराधों से अलग आईपीसी की अतिरिक्त धाराएं लगाकर संधि का उल्लंघन किया। यह मिशेल की ऐसी दूसरी याचिका थी। नवंबर 2025 में भी उनकी एक समान याचिका खारिज की जा चुकी है।
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यह है मामला : क्रिश्चियन मिशेल को 4 दिसंबर 2018 को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया था। वे अगस्तावेस्टलैंड कंपनी के मध्यस्थ के रूप में आरोपी हैं। आरोप है कि उन्होंने कांग्रेस सरकार के समय 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों का सौदा दिलाने के लिए 42.27 करोड़ की रिश्वत का इंतजाम किया।
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