फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Brave mother rescues daughter from kidnapping in east delhi

मां की बहादुरी के आगे बदमाश पस्त, बेटी को अगवा होने से बचाया

Thu, 23 Jul 2020 06:35 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 23 Jul 2020 06:35 AM IST
विज्ञापन
Brave mother rescues daughter from kidnapping in east delhi
गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

जुए और अय्याशी में पैसे गंवाने वाले युवक ने अपने ही भाई की बेटी को अगवा करने की साजिश रची। उस पर 37 लाख रुपये का उधार था। वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी ने दो दोस्तों को भेजा। लेकिन मासूम की मां की बहादुरी और पड़ोसियों की मदद से बदमाश बच्ची को अगवा नहीं कर पाए। 

विज्ञापन


बदमाशों को मौके पर ही अपनी बाइक और पिस्टल वाला बैग छोड़कर भागना पड़ा। शकरपुर थाना पुलिस ने बाइक की मदद से पूरी वारदात को सुलझा लिया। पुलिस इस संबंध में बच्ची के चाचा उपेंद्र उर्फ बिट्टू (27) और उसके दोस्त धीरज (26) को गिरफ्तार कर लिया है। उपेंद्र अपने भाई की बेटी को अगवा कर उससे 40 से 50 लाख रुपये फिरौती मांगने की फिराक में था। पुलिस को मामले में बहराइच के रहने वाले दो युवकों की तलाश कर रही है। 
विज्ञापन


पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम को शकरपुर के सुंदरम ब्लॉक में पुलिस को एक बच्ची के अगवा होने के प्रयास की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां आरोपियों की एक बाइक व बैग बरामद हुआ। बैग में एक पिस्टल व तीन कारतूस मिले। वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। चार साल की बच्ची की मां ने बताया कि दो युवकों ने पानी मांगने के बहाने उसका दरवाजा खुलवाया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जैसे ही वह पानी लेने अंदर जाने लगी इसी दौरान बदमाश गेट पर खेल रही उसकी बच्ची को उठाकर ले जाने लगे। महिला फौरन बदमाशों से भिड़ गई और शोर मचा दिया। पड़ोसी भी मदद को आ गए। बदमाश बाइक से भागने लगे तो एक पड़ोसी ने स्कूटी अड़ा दी। बदमाशों ने पिस्टल निकाल ली और मौके पर एक बैग व बाइक छोड़कर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज व बाइक से मामले की जांच की।

मौके पर छोड़ी बाइक की मदद से बदमाशों तक पहुंची पुलिस 
शकरपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट मिली। पुलिस ने बाइक के असली रजिस्ट्रेशन नंबर की जांच की तो पता चला कि बाइक किसी धीरज नामक युवक के नाम पर है। पुलिस न्यू गोविंदपुरा उसके घर पहुंची तो पता चला कि वह पांच साल पहले ही अपना किराए का मकान खाली कर चला गया है। पुलिस ने जांच के बाद उसे कृष्णा नगर से ढूंढ निकाला। उसने वारदात में अपना हाथ होने की बात कबूल कर ली। धीरज ने बताया कि बच्ची को अगवा करने की साजिश उसके चाचा ने रची थी। पुलिस ने धीरज से पूछताछ के बाद उसके चाचा उपेंद्र उर्फ बिट्टू को भी कृष्णा नगर से दबोच लिया।


उपेंद्र के पिता ने तरुण को लिया था गोद
उपेंद्र के पिता नरेंद्र गुप्ता बड़े कारोबारी थी। शुरुआत में उन्होंने तरुण को गोद लिया था। बाद में उनके अपने भी बच्चे हो गए। नरेंद्र की मौत के बाद उनकी प्रॉपर्टी बच्चों में बंट गई। अपने हिस्से की दौलत उपेंद्र ने जुए, सट्टे और अय्याशी में उड़ा दी। बच्चे के पिता तरुण का गारमेंट का अच्छा काम था। उपेंद्र को लगा कि वह तरुण की बच्ची को अगवा कर उससे 40 से 50 लाख रुपये की फिरौती मांग सकता है। इसके लिए उसने धीरज से बातचीत कर योजना बनाई। उपेंद्र ने बहराइच के रहने वाले दो दोस्तों को मोटी रकम देने का वादा कर वारदात को अंजाम देने के लिए राजी किया था। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed