पिता के प्यार के आगे भारी पड़ी प्रेमिका की मोहब्बत, प्रेम विवाह का विरोध किया तो बेरहमी से ली जान
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करीब एक माह पहले सेक्टर-76 में गोली मारकर हुई आबिर उर्फ भूरा कबाड़ी की हत्या उसके बेटे ने ही प्रेमिका के चक्कर में करवाई थी।
प्रेमिका का खर्चा और अय्याशी करने के लिए रुपये न मिलने पर पिता से बेटा नाराज था। उसने 10 लाख रुपये में पिता की सुपारी दी थी।
मामले में थाना सेक्टर-49 पुलिस ने भूरा के बेटे समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी फरार है, उसकी तलाश जारी है।
एसपी क्राइम प्रीति बाला गुप्ता के अनुसार, रज्जाक कॉलोनी दादरी निवासी भूरा (50) की हत्या 13 अप्रैल की रात करीब नौ बजे बाइक सवार दो बदमाशों ने गोली मारकर की थी।
भूरा को उस वक्त गोली मारी गई थी, जब वह सेक्टर-78 स्थित दुकान से घर के लिए निकलते वक्त कार में टिफिन रख रहा था। मामले में भूरा के साले बुलंदशहर निवासी शफीक ने थाना सेक्टर-49 में वसीम कबाड़ी, वकील कबाड़ी, भूरी व एक अज्ञात को नामजद कराया था।
छानबीन में पुलिस को पता चला कि नामजद आरोपियों से भूरा की हत्या से करीब डेढ़ माह पूर्व लड़ाई हुई थी। बाद में दोनों पक्षों में समझौता भी हो गया था।
जांच में इनकी भूमिका नहीं मिली। इसी बीच सर्विलांस और मुखबिर से पुलिस को पता चला कि भूरा की हत्या उसके बेटे मुकीम ने कराई थी। मुकीम, भूरा का एकलौता बेटा है। उसकी दो बड़ी बहनें भी हैं।
शुक्रवार को पुलिस ने मुकीम और आजाद कॉलोनी बेहटा हाजीपुर गाजियाबाद निवासी आशु, वसीम और मोइन को सेक्टर-78 स्थित उसकी कबाड़ की दुकान से गिरफ्तार कर लिया।
ऐसे थे घटनास्थल के हालात
तीनों मुकीम से सुपारी की रकम लेने आए थे। मोइन, मुकीम का दोस्त है। उसने ही शूटर, आशु व वसीम के साथ मिलकर 10 लाख रुपये की सुपारी ली थी। इनसे हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद हो गया है।
उस रात आशु ने भूरा को गोली मारी थी, जबकि वसीम बाइक पर था। बाइक दादरी निवासी राजेश प्लंबर की थी। राजेश भी भूरा के बेटे मुकीम का दोस्त है।
हत्या वाली रात वही परी चौक से दोनों शूटरों को अपनी बाइक पर बैठाकर भूरा की दुकान पर लाया था। वहां भूरा की पहचान कराने के बाद राजेश बाइक शूटरों को देकर, सवारी से वापस लौट आया था। इसके लिए राजेश को भी अलग से 50 हजार रुपये मिलने थे। राजेश फिलहाल फरार है।
फिजूलखर्ची के कारण पिता ने पिटाई भी की थी
पूछताछ में मुकीम ने बताया कि वह पिता के साथ कबाड़ की दुकान पर काम करता था। शाम को हिसाब करने के बाद उसके पिता उसे कुछ रुपये देते थे, जिससे उसके खर्चे पूरे नहीं होते थे।
मुकीम का दादरी में रहने वाली एक युवती से तीन-चार साल से प्रेम प्रसंग है। वह उससे शादी भी करना चाहता है। मुकीम प्रेमिका व दोस्तों पर दिल खोलकर खर्च करना और अय्याशी करना चाहता था।
मुकीम ने कई बार पिता से खर्च के रुपये बढ़ाकर देने को कहा, लेकिन भूरा ने उसकी बात नहीं सुनी। उल्टा भूरा ने फिजूलखर्ची करने पर कई बार उसकी पिटाई भी कर दी थी।
करीब डेढ़ माह पहले मुकीम ने पिता की हत्या कराने की ठानी। उसने ये बात दोस्त मोइन को बताई तो उसने शूटरों का इंतजाम कर हत्या करा दी।
मां के इद्दत पर बैठने से नहीं दे पाया सुपारी की रकम
पुलिस के अनुसार, भूरा के पास पासवर्ड और चाबी वाली एक तिजोरी है। भूरा के अलावा केवल मुकीम को उसका पासवर्ड पता है। मुकीम का अंदाजा था कि उस तिजोरी में 10-12 लाख से ज्यादा रुपये हैं।
हत्या के बाद मुकीम को इसी तिजोरी से रुपये निकालकर सुपारी की रकम देनी थी। पिता की मौत के बाद उसकी मां उसी कमरे में चार माह के इद्दत पर बैठ गई, जिसमें तिजोरी रखी है।
इस दौरान महिला को पूरे समय कमरे में ही रहना होता है और वह किसी व्यक्ति से मिलजुल नहीं सकती हैं। इस वजह से मुकीम अब तक सुपारी की रकम नहीं दे पाया था।
उसने हत्या वाले दिन शूटरों को खर्च के तौर पर 700 रुपये दिए थे। सुपारी की रकम हत्या के बाद देनी थी। हत्या के बाद तिजोरी से रुपये न मिल पाने पर मुकीम को पिता की हत्या कराने का अफसोस होने लगा था।
अय्याशी में डुबा दी थी अपनी दुकान
भूरा ने बेटे का बिजनेस जमाने के लिए करीब डेढ़ साल पहले बरौला में उसकी पार्ट्स की दुकान खुलवाई थी। मुकीम ने अय्याशी के चक्कर में उस दुकान को डुबा दिया। इसके बाद भूरा ने उसकी दुकान बंद करा, उसे अपने साथ काम पर लगा लिया था।