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1993 Delhi Bomb Blast : बम धमाके के दोषी भुल्लर को जेल में सरेंडर करने का आदेश, पैरोल समाप्त
Sat, 24 May 2025 03:57 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 24 May 2025 03:57 AM IST
सार
भुल्लर की पैरोल अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही थी। भुल्लर ने गंभीर सिजोफ्रेनिया से पीड़ित होने और इलाज के आधार पर छूट की मांग की थी।
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Delhi High Court
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली हाईकोर्ट ने 1993 के दिल्ली बम विस्फोट मामले में दोषी देविंदर पाल सिंह भुल्लर को शुक्रवार को जेल प्रशासन के समक्ष सरेंडर करने का निर्देश दिया। भुल्लर की पैरोल अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही थी। भुल्लर ने गंभीर सिजोफ्रेनिया से पीड़ित होने और इलाज के आधार पर छूट की मांग की थी।
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न्यायमूर्ति गिरीश कथपालिया ने कहा कि जेल में उचित इलाज उपलब्ध है। कोर्ट ने अपने आदेश में दर्ज किया कि आंशिक दलीलों के बाद भुल्लर के वकील ने अर्जी वापस लेने की मांग की और आश्वासन दिया कि भुल्लर दिन के दौरान सरेंडर कर देंगे। कोर्ट ने कहा कि अर्जी को वापस लिए जाने के रूप में खारिज किया जाता है।
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भुल्लर के वकील ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल ने कभी बैरक में प्रवेश नहीं किया और हमेशा अस्पताल में रहे। पैरोल के दौरान भी वे हर हफ्ते जेल से संबद्ध अस्पताल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते थे। वकील ने कहा कि 30 साल जेल में बिताने के बाद गंभीर अपराध के लिए भी कानून के तहत उन्हें राहत का हकदार होना चाहिए। कोर्ट ने भुल्लर की समयपूर्व रिहाई की याचिका पर विचाराधीन होने का उल्लेख किया, लेकिन स्पष्ट किया कि उन्हें सरेंडर करना होगा।
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1993 में हुए धमाके में नौ लोगों की मौत हुई थी
- खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (केएलएफ) के आतंकवादी भुल्लर को सितंबर 1993 में दिल्ली में हुए बम विस्फोट के लिए दोषी ठहराया गया था
- इस घटना में नौ लोगों की मौत हुई थी और 31 लोग घायल हुए थे, जिनमें तत्कालीन यूथ कांग्रेस अध्यक्ष एमएस बिट्टा भी शामिल थे। भुल्लर को 1995 में इस मामले में गिरफ्तार किया गया था