6 मिनट का सफर 45 मिनट में, मेट्रो की ब्लू लाइन का सिग्नल फिर खराब
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शाम को मेट्रो की फ्रिक्वेंसी 20 मिनट तक पहुंच गई। इससे पूरी लाइन पर हालात खराब हो गए। यात्रियों को घंटों तक मेट्रो में फंसना पड़ा। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले ही ब्लू लाइन के सिग्नल में आई तकनीकी खराबी ने यात्रियों को लगातार तीन दिन हलाकान किया था।
शनिवार सुबह करीब 7 बजे से ब्लू लाइन पर द्वारका सेक्टर-14 से नवादा के बीच सिग्नल में तकनीकी खराबी से ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई। ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी कम हुई तो यात्रियों की परेशानी शुरू हो गई। उधर, तकनीकी खराबी द्वारका सेक्टर 14 से जनकपुरी तक बढ़ गई।
इस बीच कई मेट्रो स्टेशनों पर डिस्प्ले स्क्रीन बंद रही और ट्रेनों में एनाउंसमेंट भी नहीं हुआ। यात्री अभिनव ने बताया कि वह दोपहर करीब डेढ़ बजे जनकपुरी वेस्ट से मेट्रो में सवार हुए और द्वारका मोड़ तक महज तीन स्टेशन पार करने में उन्हें 45 मिनट लगे। मेट्रो के जगह-जगह रुकने के कारण छह मिनट का सफर पौन घंटे में पूरा हुआ।
राजीव चौक पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई
शाम को पीक ऑवर्स में मेट्रो की फ्रिक्वेंसी कम होने के कारण राजीव चौक पर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। मेट्रो यात्री कुमार सुशांत ने बताया कि उन्हें नोएडा जाना था। शाम करीब साढे़ 4 बजे उन्हें मेट्रो के लिए 20 मिनट से ज्यादा इंतजार करना पड़ा।
इसके बाद भी मेट्रो ने धीमी गति से उन्हें नोएडा पहुंचाया। मेट्रो यात्री बृजेश कुमार शर्मा ने बताया कि वह शाम करीब पांच बजे राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पहुंचे। काफी देर तक ट्रेन न आने के कारण यहां यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। करीब 20 मिनट बाद मेट्रो आई, लेकिन भीड़ के कारण वह ट्रेन में घुस ही नहीं सके।
दूसरी ओर, ब्लू लाइन पर सिग्नल की तकनीकी खराबी के कारण यात्रियों को सुबह से ही ट्विटर के जरिये जानकारी दी गई। डीएमआरसी ने यात्रियों से धैर्य रखने की अपील की। शनिवार को डीएमआरसी की टीम दिनभर तकनीकी खराबी ठीक करने के प्रयास करती रही।