दिल्ली: सरकार को लेकर केंद्र को SC की फटकार
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राजधानी दिल्ली में करीब 9 महीने से चल रहे राजनीतिक संकट के दूर होने के आसार बन रहे हैं। मंगलवार को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कड़े शब्दों में केंद्र सरकार व उपराज्यपाल को फटकार लगाई है।
केंद्र की ओर से सरकार बनाने की सहमति दिए जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आखिर भाजपा सरकार कैसे बनाएगी? अगर सरकार बनानी थी तो पिछले 5 महीने से क्या हो रहा है?
कोर्ट ने यह भी पूछा है कि अगर उपराज्यपाल भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देना चाहते हैं तो अब तक ऐसा क्यों नहीं किया? केंद्र सरकार ने समय पर ऐसी पहल क्यों नहीं की? लोकतंत्र में जनता को सरकार का हक है।
सुप्रीम कोर्ट ने काफी देर तक चली बहस के बाद सरकार बनाने के मुद्दे पर सुनवाई गुरुवार तक के लिए टाल दी है।
भाजपा को न्योता?
दिल्ली विधानसभा भंग करने को लेकर आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में
याचिका दायर कर रखी है। इस पर मंगलवार को हुई सुनवाई में केंद्र सरकार ने
स्थिति साफ कर दी है। केंद्र सरकार ने राष्ट्रपति के सुझाव का हवाला देते
हुए कहा है कि सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते भाजपा को सरकार बनाने का
न्योता देना चाहिए।
दरअसल, यह चर्चा पहले से ही चल रही है उपराज्यपाल की ओर से तैयार की गई रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि भाजपा को सरकार बनाने का न्योता देना चाहिए। हालांकि पिछले सप्ताह उपराज्यपाल की ओर से पेश की गई रिपोर्ट को राष्ट्रपति ने बिना किसी टिप्पणी के वापस कर दिया था।
लेकिन अब राष्ट्रपति ने उपराज्यपाल के फैसले को मंजूरी देते हुए कहा है कि राजधानी में सरकार बनाने के लिए भाजपा को न्योता भेजा जाए।
वहीं, चुनाव आयोग की ओर से दिल्ली की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने की घोषणा के बाद यह बात और पुख्ता हो जाती है कि दोबारा चुनाव होने की गुंजाइश कम ही है। साथ ही उपचुनाव में भाजपा को जीत की उम्मीद है।
बता दें कि तीनों विधानसभा सीटें भाजपा विधायकों के सांसद चुने जाने के बाद से खाली हैं। इन सीटों पर उपचुनाव के लिए 25 नवंबर की तारीख तय की गई है।
कैसे बनेगी सरकार?
उपचुनाव में अगर भाजपा तीनों सीटें जीत जाती है तो उसके विधायकों की संख्या एक बार फिर 29 से बढ़कर 32 हो जाएगी। इसमें अकाली दल का एक विधायक भी शामिल है।
हालांकि पिछले साल हुए चुनावों में 32 सीटें आने के बाद भाजपा ने सरकार बनाने से मना कर दिया था लेकिन अब वह इतने ही विधायकों के दम पर सरकार बनाने की कोशिश कर सकती है।
भाजपा को सरकार बनाने के लिए कम से कम 4 विधायकों की जरूरत पड़ेगी। निर्दलीय विधायक रामवीर शौकीन पहले ही भाजपा को समर्थन देने का ऐलान कर चुके हैं। वहीं आप से निष्कासित विधायक विनोद कुमार बिन्नी भी भाजपा के साथ जा सकते हैं।
इन दो नेताओं के मिलने के बाद भी भाजपा को 2 विधायकों की कमी खलेगी। ऐसे में सरकार कैसे बनेगी यह बड़ा सवाल है।
इस मामले में दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा है कि वह दोपहर 2:30 बजे प्रेसवार्ता करके पार्टी का रुख साफ करेंगे।
कोर्ट से पहले केजरीवाल ने दागे सवाल
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके भाजपा से सवाल किया है कि आखिर वह दिल्ली में किस तरह सरकार बनाएगी?
How will BJP form govt? They don't have nos. Why don't they just call elections? (1/3)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 28, 2014
केजरीवाल ने आरोप लगाया है कि भाजपा दिल्ली में 'डर्टी पॉलिटिक्स' खेल रही है जोकि जनता के साथ बड़ा धोखा है। भाजपा ने पहले भी चार बार विधायकों को खरीदकर सरकार बनाने की कोशिश की है लेकिन हर बार नाकाम रही। अब पांचवीं बार वह ऐसा काम करने जा रही है।
BJP playing dirty tricks wid the people of Delhi. Tried 4 times earlier to "buy" MLAs n form govt. Failed. Now 5th time?(2/3)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 28, 2014
केजरीवाल ने यह भी आरोप लगाया है कि भाजपा हार के डर से चुनावों से भाग रही है।
BJP running away from elections becoz they r dead scared of losing in delhi(3/3)
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 28, 2014
भाजपा नेताओं ने दी सफाई
सुप्रीम कोर्ट की ओर से कड़ी फटकार लगाए जाने के बाद अब भाजपा नेताओं के सुर बदलने लगे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने दिल्ली में सरकार बनाने की बात से इंकार कर दिया है।
नायडू ने कहा कि भाजपा दोबारा चुनाव में उतरने के लिए तैयार है। पार्टी जोड़तोड़ करके सरकार नहीं बनाएगी। भाजपा चुनाव में जाने से क्यों डरेगी? हमारे पास दोबारा चुनाव कराकर पूर्ण बहुमत से सरकार बनाने का मौका है। दिल्ली में चाहे जब भी चुनाव हों, भाजपा पूरी तरह तैयार है और पूर्ण बहुमत से सत्ता में आएगी।
We are prepared for polls in Delhi, there is no question of forming Govt with horse-trading: Venkaiah Naidu pic.twitter.com/59zU0sJMxw
— ANI (@ANI_news) October 28, 2014
भाजपा सांसद रमेश बिधूड़ी ने भी कहा कि दिल्ली में भाजपा चुनाव कराने के लिए तैयार है। जोड़तोड़ की सरकार नहीं बनेगी।
कांग्रेस ने भाजपा-AAP पर बोला हमला
विधानसभा भंग करने के मामले में कांग्रेस ने भाजपा और आम आदमी पार्टी दोनों पर निशाना साधा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि भाजपा को जब मोदी लहर पर इतना भरोसा तो वह चुनाव में जाने से क्यों डर रही है।
लवली ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी इसलिए चुनाव कराने पर अड़ी है क्योंकि उसे किसी का समर्थन नहीं मिल रहा इसलिए चुनाव में जाना उसकी मजबूरी है। कांग्रेस किसी को समर्थन नहीं देगी। दिल्ली में फिर से चुनाव होने चाहिए तभी बात बनेगी।
आम आदमी पार्टी के नेता व अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में चुनाव कराने का आदेश दे सकता है।