Election 2024: लगातार वोटों में इजाफे का कृष्णपाल गुर्जर को मिला इनाम, फिर लड़ेंगे चुनाव, जानिए इनके बारे में
फरीदाबाद से लगातार दो बार सांसद रहे कृष्णपाल गुर्जर का टिकट पहले ही लगभग फाइनल माना जा रहा था। लोकसभा क्षेत्र में एंटी इनकंबेंसी (विरोधी लहर) न होना उनके लिए उनको टिकट मिलने का सबसे बड़ा कारण रहा है।
विस्तार
हरियाणा ही नहीं दिल्ली-एनसीआर के लिए महत्वपूर्ण फरीदाबाद लोकसभा सीट पर एक बार फिर भाजपा आलाकमान ने वर्तमान सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर पर भरोसा जताया है। पिछले दो लोकसभा चुनावों में लगातार वोटों में इजाफा और बढ़ते अंतर से जीत हासिल करने का उन्हें इनाम मिला है। भाजपा की दूसरी लिस्ट में 90 सीटों में फरीदाबाद की घोषणा होने के बाद शाम को उनके घर और कार्यालय पर कार्यकर्ताओं का जश्न शुरू हो गया। उनके समर्थकों ने इस दौरान एक-दूसरे को मिठाई खिलाई। इस दौरान उनके घर और कार्यालय के बाहर जमकर आतिशबाजी भी हुई।
फरीदाबाद से लगातार दो बार सांसद रहे कृष्णपाल गुर्जर का टिकट पहले ही लगभग फाइनल माना जा रहा था। लोकसभा क्षेत्र में एंटी इनकंबेंसी (विरोधी लहर) न होना उनके लिए उनको टिकट मिलने का सबसे बड़ा कारण रहा है। फरीदाबाद लोकसभा क्षेत्र में जाट, गुर्जर, पंजाबी, वैश्य, एससी, मुसलमान, ब्राह्मण और राजपूत वोटर बड़ी संख्या में हैं। विशेषकर ओबीसी वोटर की बड़ी संख्या है। गुर्जर बिरादरी (ओबीसी) से आने के चलते उनके पास इस वर्ग के वोटों की बड़ी ताकत दिखाई दे रही है। ऐसे में भाजपा के साथ सामान्य वर्ग के वोटर और स्वयं उनके ओबीसी वोटर के गठजोड़ ने उनकी सीट पक्की की है।
वर्ष 2014 और वर्ष 2019 दोनों ही लोकसभा चुनावों में मतों को प्राप्त करने और जीत का अंतर मोदी मैजिक कहें या इनकी लोकप्रियता के ग्राफ को बढ़ता दिखा रहा है। 2014 में कृष्णपाल गुर्जर ने उस दौरान सांसद अवतार भड़ाना को रिकॉर्ड 4 लाख 66 हजार वोटों से शिकस्त देकर भाजपा को सीट दिलाई थी। अगले चुनाव में अवतार भड़ाना को हराने का अंतर 6 लाख 44 हजार पहुंच गया। इतने भारी भरकम वोटों से दो जीत के बाद उनके खिलाफ अभी तक दूसरी पार्टियों ने प्रतिद्वंद्वी भी पक्का नहीं किया है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और पढ़ाई
कृष्णपाल गुर्जर का जन्म 4 फरवरी 1957 को फरीदाबाद के मेवला महाराजपुर में हंस राज जैलदार के यहां हुआ था। उन्होंने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद मेरठ विश्वविद्यालय से कानून में परास्नातक की डिग्री हासिल की।
1994 से सक्रिय राजनीति में आए
गुर्जर बिरादरी से आने वाले कृष्णपाल हरियाणा में ओबीसी समाज के बड़े नेता माने जाते हैं। उन्होंने जेएनयू से स्नातक किया और मेरठ विश्वविद्यालय से परास्नातक हैं। वह 1994 में सभासद की सीट जीतकर से सक्रिय राजनीति में आए। इसके बाद 1996 से 99 तक भाजपा से मेवला महाराजपुर विधानसभा से विजयी, दोबारा 2000 से 2005 तक मेवला महाराजपुर विधानसभा से विजयी हुए। 2009 से 2014 तक तिगांव विधानसभा से चुने गए। इसके बाद वर्ष 2014 और 2019 में फरीदाबाद लोकसभा से विजयी हुए। 9 नवंबर 2014 से 2021 तक यह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय में केंद्रीय मंत्री रहे। 26 मई 2014 से 7 जुलाई 2021 तक सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री, बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री रहे।
प्रोफाइल
- सांसद का नाम कृष्णपाल गुर्जर
- 2019 में फरीदाबाद लोकसभा से विजयी
- 7 जुलाई वर्ष 2021 को भारत सरकार में केंद्रीय ऊर्जा और भारी उद्योग मंत्री,
- आयु 67 वर्ष
- 1994 में पार्षद
- तीन बार विधायक और दो बार फरीदाबाद से लोकसभा सांसद बने
- पत्नी का नाम-निर्मला देवी
- बेटा-देविंदर चौधरी नगर निगम फरीदाबाद के वरिष्ठ उप महापौर
- संसद में हाजिरी -100 फीसदी
- एमपी फंड- एमपी फंड को पांच साल में 25 करोड़ मिले, साढ़े 7 करोड़ रुपये कोविड आपदा और 17.50 करोड़ विकास कार्य में खर्च किए।
- गोद लिए गांव -तिलपत, बड़ौली, बनचारी गांवों को गोद लिया है।
बड़ी परियोजनाएं लाए
दिल्ली-फरीदाबाद और पलवल होडल तक राष्ट्रीय राजमार्ग को उन्होंने छह लेन का बनवाने के साथ सिग्नल फ्री कराया। फरीदाबाद-पलवल में रेलवे फाटकों से मुक्ति दिलाई। पलवल पर एलिवेटेड पुल का निर्माण कराया है। अब लोकसभा क्षेत्र की देशभर से कनेक्टिविटी की तैयारी। इसके अलावा ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन के कायाकल्प चल रहा है और 2025 तक यह बनकर तैयार होना है। न्यू टाउन रेलवे स्टेशन, पलवल और बल्लभगढ़ रेलवे स्टेशनों का पुर्ननिर्माण शुरू हो गया है। जेवर में बन रहे अंतरराष्ट्रीय नोएडा एयरपोर्ट तक फरीदाबाद को कनेक्टिविटी दी जा रही है। यहां 20 मिनट में नोएडा एयरपोर्ट तक फरीदाबाद से पहुंचा जा सकता है। इसके अलावा फरीदाबाद वासियों को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए मुंबई-दिल्ली एक्सप्रेस-वे भी मई तक तैयार हो रहा है।
देरी से चल रही परियोजनाएं
यमुना एक्सप्रेस-वे में गौतमबुद्धनगर के दनकौर क्षेत्र को जोड़ने वाला मंझावली पुल 2019 तक पूरा होना था। कोरोना काल के बाद अभी इसका कार्य पूरा नहीं हुआ है। दोनों प्रदेशों में भाजपा सरकार होने के बाद भी यूपी क्षेत्र में इस योजना का कार्य अधुरा है। इसके अलावा कई सरकारों के कार्यकाल के बाद भी करीब 20 वर्षों से लंबित एफएनजी परियोजना अभी तक कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। इसी तरह फरीदाबाद से गुरुग्राम और फरीदाबाद से पलवल तक मेट्रो के लिए कई बार घोषणाएं होने के बाद योजनाएं कागजों से बाहर नहीं निकली।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने मुझ पर दोबारा से भरोसा जताया है। मैं पार्टी और जनता की उम्मीदों पर एक बार फिर से खरा उतरूंगा और एक बार फिर फरीदाबाद लोकसभा से जीतकर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचाने के लिए जान लगा देंगे। पीएम के नेतृत्व में अबकी बार 400 पार का नारा सफल करेंगे। इसके अलावा मेरा वादा है कि पिछले कार्यकाल की तरह इस बार चुना जाने पर जनता के सभी मांगों के लिए दिन-रात काम करूंगा। -कृष्णपाल गुर्जर, केंद्रीय राज्य मंत्री और सांसद, फरीदाबाद