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भाजपा पार्षदों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ विधानसभा के बाहर किया प्रदर्शन
Thu, 28 Feb 2019 02:57 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: Priyesh Mishra
Updated Thu, 28 Feb 2019 02:57 AM IST
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भाजपा पार्षदों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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तीनों नगर निगमों के भाजपा पार्षदों ने केजरीवाल सरकार पर राजनीतिक बदले की भावना से निगमों को पंगु बनाने की कोशिश का आरोप लगाते हुए बुधवार को दिल्ली विधानसभा के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्षदों ने कहा कि 5वें दिल्ली वित्त आयोग की रिपोर्ट पूरी तरह लागू होती तो निगमों को निधि के संकट का सामना नहीं करना पड़ता।
मंगलवार को दिल्ली सरकार की ओर से विधानसभा के पटल पर यह रिपोर्ट रखी गई थी। पूर्वी दिल्ली नगर निगम नेता सदन निर्मल जैन, उत्तरी निगम के तिलकराज कटारिया और कमलजीत सहरावत ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि निधि आवंटित नहीं किए जाने से निगमों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। कुल टैक्स में से मौजूदा 12.5 की जगह 10.5 फीसदी अंश दिए जाने की वजह से भी निगमों को आर्थिक नुकसान का सामना करना होगा।
पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार विज्ञापनों पर 526 करोड़ रुपये खर्च करती है, लेकिन नगर निगमों के विकास कार्यों के लिए राशि देने के लिए तैयार नहीं है। इस मौके पर महापौर आदेश गुप्ता, नरेन्द्र चावला और बिपिन बिहारी सिंह, वीना विरमानी, शिखा राय और सत्यपाल सिंह ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस मौके पर पार्षदों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ दिल्ली विधानसभा तक मार्च किया।
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मंगलवार को दिल्ली सरकार की ओर से विधानसभा के पटल पर यह रिपोर्ट रखी गई थी। पूर्वी दिल्ली नगर निगम नेता सदन निर्मल जैन, उत्तरी निगम के तिलकराज कटारिया और कमलजीत सहरावत ने दिल्ली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि निधि आवंटित नहीं किए जाने से निगमों की आर्थिक स्थिति और खराब हो रही है। कुल टैक्स में से मौजूदा 12.5 की जगह 10.5 फीसदी अंश दिए जाने की वजह से भी निगमों को आर्थिक नुकसान का सामना करना होगा।
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पार्षदों ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली सरकार विज्ञापनों पर 526 करोड़ रुपये खर्च करती है, लेकिन नगर निगमों के विकास कार्यों के लिए राशि देने के लिए तैयार नहीं है। इस मौके पर महापौर आदेश गुप्ता, नरेन्द्र चावला और बिपिन बिहारी सिंह, वीना विरमानी, शिखा राय और सत्यपाल सिंह ने विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस मौके पर पार्षदों ने दिल्ली सरकार के खिलाफ दिल्ली विधानसभा तक मार्च किया।
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41 सिफारिशें नामंजूर करने से बढ़ेंगी मुश्किलें
उत्तरी दिल्ली नगर निगम के नेता सदन तिलकराज कटारिया ने कहा कि 5वें दिल्ली वित्त आयोग की रिपोर्ट की 41 महत्वपूर्ण सिफारिशों को दिल्ली के मुख्यमंत्री ने नामंजूर करते हुए पंगु बनाने का काम किया है। इस वजह से एक लाख से अधिक कर्मचारियों को नियमित तौर पर न तो वेतन और पेंशन के भुगतान में भी देरी होगी।
पार्षदों ने कहा कि दिल्ली वित्त आयोग ने विभाजन के समय जो निगमों पर बकाया ऋण माफ करने की सिफारिश की थी, लेकिन दिल्ली सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया, नतीजतन निगमों पर 2200 करोड़ रुपये की देनदारी है।
आधे घंटे देरी से सदन की हुई शुरुआत : गोयल
विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल ने भाजपा पार्षदों की ओर से विधायकों का रास्ता रोकने के प्रयास की निंदा करते हुए इसे अवमानना बताया। उन्होंने कहा कि इस वजह से सदन की शुरू होने में आधा घंटे की देरी हुई। स्पीकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शन कर रहे पार्षदों को रोका नहीं गया।
पार्षदों ने कहा कि दिल्ली वित्त आयोग ने विभाजन के समय जो निगमों पर बकाया ऋण माफ करने की सिफारिश की थी, लेकिन दिल्ली सरकार ने इसे सिरे से खारिज कर दिया, नतीजतन निगमों पर 2200 करोड़ रुपये की देनदारी है।
आधे घंटे देरी से सदन की हुई शुरुआत : गोयल
विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल ने भाजपा पार्षदों की ओर से विधायकों का रास्ता रोकने के प्रयास की निंदा करते हुए इसे अवमानना बताया। उन्होंने कहा कि इस वजह से सदन की शुरू होने में आधा घंटे की देरी हुई। स्पीकर ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद प्रदर्शन कर रहे पार्षदों को रोका नहीं गया।