Delhi: भाजपा ने केजरीवाल के इस्तीफे को 'पीआर स्टंट' बताया; कहा- कोर्ट की शर्ताें ने इस्तीफे के लिए मजबूर किया
दिल्ली आबकारी नीति मामले में कई महीने तक जेल में रहने के बाद जमानत पर बाहर आए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के इस्तीफे के एलान ने हर किसी को चौंका दिया है। जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे अग्गिपरीक्षा बता रही है। वहीं, भाजपा ने इसे केजरीवाल का पीआर स्टंट बताया है।
विस्तार
दिल्ली आबकारी नीति मामले में जमानत पर बाहर आए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपने पद से इस्तीफे का एलान के बाद दिल्ली की सियासत गरमा गई है। भाजपा ने इस पीआर स्टंट बताया है। भाजपा का कहना है कि केजरीवाल को कोर्ट की शर्तों ने इस्तीफे के लिए मजबूर किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा, 'यह अरविंद केजरीवाल का पीआर स्टंट है। वह समझ गए हैं कि दिल्ली की जनता के बीच उनकी छवि कैसी है एक ईमानदार नेता की नहीं बल्कि एक भ्रष्ट नेता की। आज पूरे देश में आम आदमी पार्टी एक भ्रष्ट पार्टी के रूप में जानी जाती है, अपने पीआर स्टंट के तहत वह अपनी छवि को बहाल करना चाहते हैं। इससे साफ है कि वह सोनिया गांधी मॉडल लागू करना चाहते हैं। जहां उन्होंने मनमोहन सिंह को डमी प्रधानमंत्री बनाया और पर्दे के पीछे से सरकार चलाई। उन्हें आज समझ आ गया है कि आम आदमी पार्टी दिल्ली चुनाव हार रही है और दिल्ली की जनता उनके नाम पर वोट नहीं दे सकती, इसलिए वे किसी और को बलि का बकरा बनाना चाहते हैं।'
वहीं, भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया है कि वह दो दिन बाद इस्तीफा दे देंगे और जनता का फैसला आने पर दोबारा सीएम बनेंगे। यह कोई बलिदान नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने आदेश में कहा है कि वह सीएम की कुर्सी के करीब नहीं जा सकते और किसी भी फाइल पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते. इसलिए, आपके पास कोई विकल्प नहीं है। आप सुप्रीम कोर्ट के आदेश के कारण इस्तीफा देने के लिए मजबूर हैं।' सिरसा ने आगे आरोप लगाया कि केजरीवाल ने अपनी पत्नी को दिल्ली का मुख्यमंत्री बनाने के लिए सभी विधायकों को मनाने के लिए दो दिन का समय मांगा।#WATCH | On Delhi CM Arvind Kejriwal's 'I am going to resign from the CM position after 2 days' remark, BJP national spokesperson Pradeep Bhandari says, "This is a PR stunt of Arvind Kejriwal. He has understood that his image among the people of Delhi is not of an honest leader… pic.twitter.com/cr10rchu7y
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 15, 2024
उधर, आप सांसद राघव चड्ढा ने कहा, 'मुख्यमंत्री जी अग्निपरीक्षा से गुजरने के लिए तैयार हैं। अब यह दिल्ली की जनता के हाथ में है कि वह ईमानदार हैं या नहीं। अरविंद केजरीवाल ने 2020 में काम के नाम पर वोट मांगे थे और कहा था कि अगर मैंने काम किया है तो मुझे वोट दें, अगर मैंने काम नहीं किया है तो मुझे वोट न दें। दिल्ली की जनता आप को वोट देकर मुख्यमंत्री को ईमानदार घोषित करेगी और आने वाले 2025 के दिल्ली चुनाव में दिल्ली की जनता उस चुनाव के जरिए अपने मुख्यमंत्री को ईमानदार घोषित करेगी।'
#WATCH AAP सांसद राघव चड्ढा ने कहा, "...मुख्यमंत्री जी अग्निपरीक्षा से गुजरने के लिए तैयार हैं। अब यह दिल्ली की जनता के हाथ में है कि वह ईमानदार हैं या नहीं। अरविंद केजरीवाल ने 2020 में काम के नाम पर वोट मांगे थे और कहा था कि अगर मैंने काम किया है तो मुझे वोट दें, अगर मैंने काम… pic.twitter.com/SeX6DezIox
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 15, 2024
दिल्ली मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'पूरे विश्व में इस तरीके का उदाहरण आपको नहीं मिलेगा कि एक मुख्यमंत्री अदालत से बेल पाने के बाद खुद यह फैसला करता है कि अदालत ने तो मुझे बेल दे दी लेकिन जनता जिस दिन मुझे अग्नि परीक्षा में पार उतारेगी, उस दिन इस कुर्सी पर बैठूंगा। अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि मैं इन आरोपों से काफी दुखी हूं। मैं जनता की अदालत में जाउंगा और कहूंगा कि अगर मैं ईमानदार हूं तो आप मुझे वोट दें और मुझे इस कुर्सी पर बैठाएं।'
आप की राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने कहा, 'अरविंद केजरीवाल ने ईमानदारी का नया मानदंड स्थापित किया है और कहा है कि वह मुख्यमंत्री की कुर्सी पर तभी बैठेंगे जब दिल्ली की जनता उन्हें चुनेगी। अरविंद केजरीवाल जल्द ही विधायकों के साथ बैठक करेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।'
दिल्ली के मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा, 'हम मुख्यमंत्री से सहमत हैं। अरविंद केजरीवाल ने लोगों का प्यार, सम्मान और आशीर्वाद कमाया है। अभी तक विधानसभा भंग करने की कोई बात नहीं हुई है।'