बिसाहड़ा कांड : आरोपी की मौत पर यूपी सरकार को नोटिस, जेल प्रशासन और पुलिस भी तलब
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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्तर प्रदेश सरकार को बिसाहड़ा इकलाख हत्याकांड के आरोपी की अस्पताल में मौत को लेकर नोटिस जारी किया है। 22 साल के रवि उर्फ रॉबिन की दिल्ली के लोकनारायण जयप्रकाश अस्पताल में मंगलवार को मौत हो गई थी।
डॉक्टरों ने मौत का कारण किडनी फेल और सांस रूकने को बताया है। रवि गौतम बुद्घ नगर की जिला जेल में बंद था और डेंगू से पीड़ित होने के संदेह में उसे नोएडा के जिला अस्पताल से दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल इलाज के लिए लाया गया था।
रवि की मौत पर स्वत: संज्ञान लेते हुए एनएचआरसी ने जेल महानिदेशक और पुलिस महानिदेशक को नोटिस जारी कर चार हफ्तों में जवाब मांगा है। एनएचआरसी का कहना है कि मीडिया रिपोर्ट मानवाधिकार उल्लंघन के गंभीर सवाल उठा रही है।
पुलिस पिटाई की वजह से मौत के आरोपों को बताया गंभीर
आयोग की ओर से जारी बयान में जेल और अस्पताल अथॉरिटी के अलग अलग बयान और रवि के परिवारवालों के आरोपों का भी जिक्र किया गया है। आयोग ने कहा है कि इन बातों के मद्देनजर इस मामले की पूरी जांच होना जरूरी है।
एनएचआरसी ने कहा, ‘न्यायिक हिरासत में पुलिस की पिटाई का आरोप भी गंभीर है। न्यायिक हिरासत में आप कैदी को उसके जीवन के अधिकार से वंचित नहीं रख सकते।
कैदी के खराब स्वास्थ्य की जानकारी के बारे में उसके परिवारवालों को जानने का पूरा अधिकार है। इसलिये आयोग गौर करता है कि न्यायिक हिरासत में कैदी की सेहत और जीवन की जिम्मेदारी अथॉरिटी की थी।’
एनएचआरसी ने बयान में यह भी कहा गया है कि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जेल अथॉरिटी ने कैदी की खराब होती सेहत के बारे में परिवारवालों को कुछ नहीं बताया था। चार अक्टूबर को मौत के बाद ही परिवारवालों को बताया गया।