सावधान! दिल्ली में फैल रहा उल्टा बुखार, कोल्डड्रिंक और आइसक्रीम खाने से मिलता है आराम
मौसम में बदलाव के साथ राजधानी में उल्टा बुखार तेजी से फैल रहा है। अस्पतालों में ऐसे मरीजों की संख्या बढ़ रही है। बताया जा रहा है कि बुखार चार दिन तक नियंत्रित नहीं हुआ तो यह डेंगू के लक्षणों में बदल रहा है।
दिल्ली गेट स्थित लोकनायक अस्पताल का फीवर वार्ड इन दिनों मरीजों से भरा पड़ा है। अरुणा आसफ अली अस्पताल में बुखार के मरीजों के लिए आरक्षित सभी 19 बेड भरे हुए हैं। प्राइवेट अस्पतालों में भी काफी संख्या में वायरल बुखार के मरीज आ रहे हैं।
कालरा हॉस्पिटल के डॉ. आरएन कालरा बताते हैं कि दिल्ली में इस समय उल्टा बुखार तेजी से चल रहा है। हर दिन 30 से 40 मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। ये बुखार ऐसा है कि इसमें टेंप्रेचर 102 डिग्री से कम नहीं होता। भूख नहीं लगती है और उल्टियों के साथ घबराहट भी होती है। ठंड लगने की वजह से मरीज कांपता रहता है। उसे धूप में खड़े रहना अच्छा लगता है।
उल्टा बुखार से पीड़ित मरीज को ये सब खिलाएं
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आरएन टंडन बताते हैं कि चार दिन के भीतर ये बुखार डेंगू के लक्षणों में बदलने लगता है। किसी में ये लक्षण मिल रहे हैं तो उसे ठंडी चीजों का सेवन कराएं। कोल्ड ड्रिंक्स हर आधे घंटे में देते रहें, आइसक्रीम दिन में 3 बार खिलाएं।
बर्फ के पानी से उसको स्नान कराएं। फिर चाहे मरीज को कितनी भी ठंड क्यों न लग रही हो? कूलर और एसी बंद रखें, जबकि पंखे को चलने दें। मरीज कंबल या मोटी शॉल ओढ़ना चाहता है तो उसे कतई न दें। केवल हल्की चादर ओढ़ने के लिए दे सकते हैं।
मैक्स सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के डॉ. रजनीश मल्होत्रा बताते हैं कि इस बुखार में मधुमेह, गर्भवती महिला, बुजुर्ग, बच्चे, किडनी मरीजों को खास ध्यान रखना चाहिए। यह बुखार सबसे पहले मरीज के अंदरूनी सिस्टम पर वार करता है।
खाने का मन नहीं करता और उल्टी घबराहट होने लगती है। इसमें जरा सी लापरवाही मरीज की जान पर बन आती है। वहीं, डॉ. विवेका कुमार बताते हैं कि बुखार या सर्दी जुकाम की शिकायत होने पर तत्काल चिकित्सीय सलाह मरीज को बीमारी से जल्दी ठीक कर सकती है।
उल्टे बुखार में क्या करें, ना खाएं ये चीजें
आलू, गोभी, चावल, अरहर और चना दाल, अंडा, मांस का सेवन बंद करें।
फ्रिज की ठंडी चीजों का सेवन-कोल्ड ड्रिंक्स, ठंडा पानी, आइसक्रीम, जूस आदि दिन में बार बार लेते रहें। अनार का सेवन न करें, अगर जूस ले रहें तो उसे घर पर ही बनाएं।
बुखार को बढ़ने न दें, इसलिए हर चार से पांच घंटे के भीतर पैरासिटामोल दवा लें।
सर्दी जुकाम और बदन दर्द भी बुखार के साथ है तो इसके बारे में डॉक्टर को जरूर बताएं।
बॉडी टेंप्रेचर को बार-बार थर्मामीटर से जांचते रहें। किसी भी तरह की इमरजेंसी में अस्पताल जरूर पहुंचे।
बॉडी में फ्लूड की मात्रा किसी भी सूरत में कम नहीं होनी चाहिए।
अगर चार दिन तक बुखार नहीं उतरता है तो तत्काल ब्लड टेस्ट कराएं।
बुखार में चलना-फिरना बंद करें, लेकिन शरीर को कमजोर न होने दें। थोड़ा ही सही लेकिन कुछ कुछ देर में खाते रहें। बगैर चिकित्सीय सलाह के किसी भी प्रकार की दवा न लें।