राजधानी में बीफ के मामले पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार को किया तलब
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हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में बीफ की खपत व उसको रखने को अपराधीकरण की श्रेणी में रखने को चुनौती देने वाली याचिका पर दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के अधिवक्ता को दायर याचिका में उठाए गए मुद्दों पर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
याचिका में राजधानी में बीफ की खपत व उसे रखने संबंधी दिल्ली कृषि मवेशी निषेध संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध बताने संबंधी कुछ प्रावधानों को रद्द करने की मांग की गई है।
कानून के छात्र और गैर सरकारी संगठन ने दायर की याचिका
यह याचिका कानून के छात्र और अनुसूचित जातियों के विकास के लिए काम करने वाले गैर सरकारी संगठन ने दायर की है।
मुख्य याचिकाकर्ता गौरव जैन ने दलील दी है कि मवेशी निषेध संरक्षण अधिनियम के तहत मांस की खपत पर प्रतिबंध याचिकाकर्ताओं और अन्य व्यक्तियों के मौलिक अधिकारों व उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन है।
याची ने तर्क रखा कि अपनी पसंद का खाना खाना और सही जीवन स्वतंत्रता के अधिकार का एक अभिन्न हिस्सा है। इस अधिनियम में उनके अधिकारों का हनन है कि उन्हें क्या खाना चाहिए।