फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Be alert if you face difficulty in standing straight it may be ankylosing spondylitis

देश के 4% लोग हैं ग्रसित: सीधे खड़े होने में आए मुश्किल तो हो जाएं सचेत, हो सकता है अंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस

Tue, 09 Jan 2024 11:01 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Tue, 09 Jan 2024 11:01 PM IST
सार

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस रोग को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ती है तो समस्या शुरू होने से पहले ही इसे रोका जा सकता है। देश की चार फीसदी लोगों में यह रोग होने का अनुमान है, लेकिन जागरूकता के अभाव में रोग का पता नहीं चलता। 

विज्ञापन
Be alert if you face difficulty in standing straight it may be ankylosing spondylitis
अंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीधे खड़े होने में यदि मुश्किल आए तो सचेत हो जाना चाहिए। यह अंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस रोग की शुरुआत हो सकती है। इसमें पीठ के निचले हिस्से में दर्द शुरू होता है तो धीरे-धीरे गर्दन तक फैल सकता है। यह शरीर के अन्य हिस्सों के जोड़ों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। 

विज्ञापन

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस रोग को लेकर लोगों के बीच जागरूकता बढ़ती है तो समस्या शुरू होने से पहले ही इसे रोका जा सकता है। देश की चार फीसदी लोगों में यह रोग होने का अनुमान है, लेकिन जागरूकता के अभाव में रोग का पता नहीं चलता। इस रोग की रोकथाम के लिए मंगलवार को लेडी हार्डिंग अस्पताल में विशेषज्ञ एकजुट हुए।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस दौरान अस्पताल के पीएमआर विभाग की प्रोफेसर व प्रमुख डॉ. रितु मजूमदार ने कहा कि यदि आप दीवार के सहारे खड़े होते हैं और आपकी गर्दन दीवार से कुछ दूर रहती है तो सचेत होने की जरूरत है। हो सकता है कि यह अंकिलोसिंग स्पॉन्डिलाइटिस रोग की शुरुआत हो। यह 20 से 40 साल के लोगों को प्रभावित करता है। यह महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में तीन गुना अधिक हो सकता है। 

विज्ञापन

अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रमुख व निदेशक प्रोफेसर डॉ. एल एच घोटेकर ने कहा कि हर किसी को इसके बारे में जागरूक होना चाहिए। यह किसी को भी प्रभावित कर सकता है। इसका पता लगाने के लिए एचएलए बी27, सीआरपी और ईएसआर जांच किया जाता है। इसका प्रभाव हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है। यदि समय रहते इसकी रोकथाम न किया जाए तो सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है।

लक्षण
गर्दन में दर्द या अकड़न
कंधे का दर्द
पसली में दर्द और अकड़न
कूल्हों या जांघों में दर्द
पैर, एड़ी या हाथ में दर्द
सुबह या लंबे समय तक बैठने के समय दर्द
आगे की ओर रीढ़ का झुकना
जोड़ों में सूजन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed