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Delhi: तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर साइकिल, दोपहिया तिपहिया वाहनों पर रोक, एनएचएआई ने लगाया प्रतिबंध

Tue, 16 Jan 2024 05:04 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: विजय पुंडीर Updated Tue, 16 Jan 2024 05:04 AM IST
सार

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली से कनेक्टिविटी वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुछ खंडों में साइकिल, दो और तीन पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।

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Ban on bicycles two-wheelers and three-wheelers on three national highways
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली से कनेक्टिविटी वाले तीन राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुछ खंडों में साइकिल, दो और तीन पहिया वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। एक अधिसूचना के अनुसार, एनएचएआई ने राजमार्गों के कुछ खंडों पर गैर-मोटर चालित वाहनों, कृषि ट्रैक्टरों, मल्टी-एक्सल हाइड्रोलिक ट्रेलर वाहनों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।

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11 जनवरी की अधिसूचना के अनुसार, इन खंडों में एनएच-48 का दिल्ली-गुरुग्राम में (आरटीआर फ्लाईओवर से खेड़की दौला टोल प्लाजा), एनएच-344एम में (बैंकोली गांव के पास एनएच-44 के साथ जंक्शन से शुरू होकर नरेला, मुंडका, नजफगढ़, द्वारका, एनएच-248 बीबी), एनएच-248बीबी (शिव मूर्ति के पास एनए-48 जंक्शन से भरथल चौक, दिल्ली-हरियाणा, खेड़की दौला) तक शामिल है।
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एनएचएआई ने कहा कि इन राष्ट्रीय राजमार्गों को हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया गया है और मोटर वाहनों की अधिकतम गति सीमा तय की गई है। इन पर यातायात नियंत्रण आवश्यक है। इन राजमार्गों में गंतव्य तक पहुंचने के लिए जनता के लिए सड़कें, वैकल्पिक मार्ग और सड़कें उपलब्ध हैं।
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डीडीए ने झुग्गियों को हटाने के आरोप को बेबुनियाद बताया
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी की ओर से कई दिनों से झुग्गी बस्तियों को उजाड़ने के लगाए जा रहे आरोपों को डीडीए ने बेबुनियाद करार दिया है। इतना ही नहीं, डीडीए ने कहा है कि उनके बयान न केवल असत्य व आधारहीन हैं, बल्कि यह लोगों को गुमराह करने की भी कोशिश है।


डीडीए ने बताया कि किसी भी स्लम क्षेत्र में निर्माण नहीं गिराया गया है और वह कोई भी निर्माण गिरा नहीं सकती, क्योंकि केंद्र सरकार ने हाल ही में दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्य क्षेत्र विधि (विशेष उपबंध) द्वितीय अधिनियम 2011 की वैधता को तीन वर्ष की अवधि के लिए 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। इसके तहत दिल्ली में जेजे कलस्टर सहित कुछ अनधिकृत विकास को दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षित रखा गया है।

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