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‘बिल्डर बाबा’ की जमानत अर्जी खारिज, फ्लैट से लेकर शराब तक का है कारोबारी
Fri, 26 Apr 2019 07:51 PM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजियाबाद
Published by: Vikas Kumar
Updated Fri, 26 Apr 2019 07:51 PM IST
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सच्चिदानंद गिरी महाराज उर्फ बिल्डर बाबा
- फोटो : अमर उजाला
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एडीजे-6 की अदालत ने शुक्रवार को फ्लैट बेचने से लेकर शराब का कारोबार करने वाले छह दिन के महामंडलेश्वर रहे सच्चिदानंद गिरी महाराज उर्फ सचिन दत्ता उर्फ बिल्डर बाबा की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। अदालत ने यह अर्जी एक फ्लैट को दो बार बेचने और लोन करने के नाम पर धोखाधड़ी करने के मामले में खारिज की है।
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कोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक पूर्व महामंडलेश्वर सचिन दत्ता ने धोखाधड़ी से दिल्ली में ही नहीं की बल्कि गाजियाबाद में भी करोड़ों रुपये के वारे-न्यारे किए थे। उसने क्रॉसिंग्स रिपब्लिक स्थित फोस्टर हाइट्स सोसायटी बनाकर एक-एक फ्लैट पर दो से तीन बार तक बैंकों से लोन लिया था।
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सोसायटी के लोगों के मुताबिक सचिन ने करीब 80 करोड़ की हेराफेरी ऐसे ही की थी। इसके बाद वह भाग गया था। जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश चंद्र शर्मा ने बताया कि केस से जुड़े एक मामले में पीड़ित महिला सुमन राय ने 31 मार्च 2016 को विजय नगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
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उनका कहना है कि उन्होंने इसी सोसायटी में 2014 में चौथी मंजिल पर स्थित एक फ्लैट 41 लाख रुपये देकर बुक खरीदा था। इसका जब पंजाब नेशनल बैंक से लोन कराने पहुंचे तो पता चला कि इस फ्लैट पर पहले से एक अन्य व्यक्ति के नाम से लोन चल रहा है। इस मामले में उन्होंने सचिन दत्ता उसकी कंपनी बालाजी हाइटेक कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड व बैंक के अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।