आबरू बचाने को आश्रम में बाबा से भिड़ी युवती, खुद को कमरें में बंद कर पुलिस को दी सूचना
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बिसरख कोतवाली क्षेत्र स्थित एक आश्रम में कथित बाबा ने पिलखुवा की युवती से दुष्कर्म की कोशिश की। युवती बाबा से भिड़ गई और खुद को कमरे में बंद कर यूपी-100 पर सूचना दे दी। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने युवती को कमरे से बाहर निकाला और आरोपी बाबा व अन्य दो लोगों को हिरासत में लेकर कोतवाली पुलिस को सौंप दिया।
कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म की झूठी सूचना का मामला बताकर सभी को वापस भेज दिया। जबकि यूपी-100 ने युवती से दुष्कर्म की कोशिश और साहस से आबरू बचाने व पुलिस के तुरंत पुलिस के मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जानकारी ट्वीट कर दी थी। वहीं देर शाम को एसपी देहात ने मामले की जांच सीओ को सौंप दी है।
जानकारी के मुताबिक दो लोग शुक्रवार को पिलखुवा निवासी युवती को लेकर बिसरख कोतवाली क्षेत्र के एक आश्रम में पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान बाबा ने युवती से दुष्कर्म की कोशिश की। पीड़िता ने बाबा का विरोध किया और उससे भिड़ते हुए मोबाइल छीनकर कमरे में जा घुसी।
पीड़िता ने भीतर से दरवाजा बंद कर यूपी-100 पर कॉल कर सूचना दे दी। यूपी-100 के पुलिसकर्मी चंद मिनट में मौके पर पहुंच गए। उन्होंने युवती को कमरे से बाहर निकाला। पीड़िता ने बाबा पर दुष्कर्म की कोशिश और मौके पर मौजूद दोनों लोगों पर उसको बहला-फुसलाकर वहां लाने का आरोप लगाया। इसके चलते पुलिसकर्मी बाबा व दो अन्य लोगों को हिरासत में लेकर बिसरख कोतवाली पहुंच गई।
कोतवाली पुलिस बोली, झूठी थी सूचना
इस संबंध में बिसरख कोतवाली प्रभारी अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि यूपी-100 पर तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे थे। कोतवाली पुलिस भी मौके पर गई थी। युवती और तीनों को कोतवाली लाया गया। युवती के साथ मौके पर उसका चाचा भी मौजूद था, युवती की मां को भी कोतवाली बुला लिया गया था।
पूछताछ में पता चला कि यूपी-100 पर दुष्कर्म की कोशिश की झूठी सूचना दी गई थी। इसके चलते मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई। सभी को कोतवाली से वापस भेज दिया गया।
पीड़ित पक्ष को बुलाकर जांच करेंगे सीओ
इस मामले में कोतवाली पुलिस ने जानकारी दी है कि पीड़ित पक्ष ने कोई तहरीर नहीं दी। इसलिए इस मामले की जांच सीओ ग्रेटर नोएडा तृतीय अवनीश कुमार सौंपी गई है। सीओ पीड़िता युवती व उसकी मां को पुन: बुलाकर पूछताछ करेंगे। अगर पीड़ित पक्ष मामले में कोई तहरीर देता है, तो कार्रवाई की जाएगी। - आशीष श्रीवास्तव, एसपी देहात
पुलिस के कार्रवाई न करने पर उठे ये सवाल
- अगर आश्रम में युवती से दुष्कर्म की कोशिश नहीं की गई तो यूपी-100 ने ट्वीट क्यों किया
- अगर पीड़िता से दुष्कर्म की कोशिश नहीं हुई तो, उसने खुद को कमरे में बंद कर पुलिस को सूचना क्यों दी
- कोतवाली पुलिस के मुताबिक झूठी सूचना दी गई थी तो आखिर क्यों
- अगर सूचना झूठी थी तो इस बात को पीड़िता ने लिखकर क्यों नहीं दिया
- युवती को आश्रम में लेकर पहुंचने का मकसद क्या था