फैसले से पहले सोशल मीडिया अकाउंट से हटा लें विवादित पोस्ट, चाहे पांच साल पुरानी क्यों न हो
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अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला किसी भी समय आ सकता है। इसके मद्देनजर राजधानी दिल्ली से लेकर स्थानीय स्तर पर अमन-शांति बनाए रखने की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। थाना स्तर पर पीस कमेटी की बैठकों व पैदल मार्च का दौर जारी है। वहीं, सबसे ज्यादा निगरानी सोशल मीडिया पर बरती जा रही है।
इसके तहत सोशल मीडिया की स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके तहत पांच साल पुराने रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। गाजियाबाद एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय पर सोशल मीडिया की स्क्रीनिंग कराई जा रही है। अगर किसी की प्रोफाइल पर पूर्व में आपत्तिजनक पोस्ट मिली तो कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने दो टूक कहा कि आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाले के साथ-साथ उसे शेयर करने वाले के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ग्रुप पर आपत्तिजनक पोस्ट डलने पर एडमिन पुलिस को सूचित करें। ऐसा न करने पर एडमिन को भी बराबर का दोषी माना जाएगा।
बोतल में ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री पर रोक
अयोध्या प्रकरण पर आने वाले फैसले के मद्देनजर प्रशासन ने भी एहतियात बरतना शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में बोतल में डीजल, पेट्रोल व अन्य ज्वलनशील पदार्थों की बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। एसडीएम आदित्य कुमार प्रजापति ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
एसडीएम ने चेतावनी दी है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिनभर चली पीस कमेटी की बैठकें, पैदल मार्च
थाना स्तर पर पीस कमेटी की बैठकें चलीं तो कहीं अधिकारियों के नेतृत्व में पैदल मार्च निकाला गया। नगर कोतवाली क्षेत्र के कैला भट्टा क्षेत्र में एसपी सिटी मनीष मिश्र के नेतृत्व में पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने लोगों से अमन-चैन बनाए रखने की अपील की।
अधिकारियों ने अयोध्या प्रकरण पर बहु प्रतीक्षित सुप्रीम कोर्ट के फैसले के संबंध में संयम व सतर्कता बरतने के लिए लोगों से संवाद किया। एडीएम सिटी के नेतृत्व में डासना व मसूरी क्षेत्र में पुलिस फोर्स ने पैदल मार्च निकाला।