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Delhi NCR News: मास्टर प्लान-2047 जमीन पर उतारने से पहले जनप्रतिनिधियों की ली गई राय
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तीन सांसद और 33 विधायक पहली बैठक में पहुंचे, सुझाव देने के लिए मांगे 15 दिन
अगले तीन महीने में 20 बैठकें, किसानों, व्यापारियों, आर्किटेक्ट और स्वास्थ्य क्षेत्र से भी ली जाएगी राय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली के भविष्य की दिशा तय करने वाले मास्टर प्लान-2047 को जमीन पर उतारने से पहले डीडीए ने जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विकास सदन में हुई पहली हितधारक बैठक में तीन सांसदों और 33 विधायकों ने हिस्सा लिया। बैठक में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), हाई डेंसिटी कॉरिडोर, लैंड पूलिंग और अनधिकृत कॉलोनियों से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने डीडीए की पहल की सराहना करते हुए विस्तृत सुझाव देने के लिए 15 दिन का समय मांगा।
बैठक में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी और प्रवीण खंडेलवाल समेत 33 विधायक शामिल हुए। डीडीए उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार ने एमपीडी-2047 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजना में सुधार और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुझाव रखे। लिखित सुझाव मिलने के बाद इन्हें आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
डीडीए अगले तीन महीनों में करीब 20 हितधारक बैठकें करेगा। इनमें किसान, भू-स्वामी, व्यापारी, उद्योग संगठन, आर्किटेक्ट, नगर नियोजक, निवासी, ग्रुप हाउसिंग प्रतिनिधि और परिवहन एजेंसियां शामिल होंगी। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पक्षों से भी सुझाव लिए जाएंगे।
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यमुना, विरासत और स्लम पुनर्विकास भी एजेंडे में
बैठकों में लैंड पूलिंग, ग्रुप हाउसिंग पुनर्विकास, यमुना के ब्लू-ग्रीन जोन, विरासत संरक्षण, मिश्रित उपयोग, वाणिज्यिक विकास और इन-सीटू स्लम पुनर्विकास पर चर्चा होगी। भीड़भाड़ कम करने तथा शिक्षा और मेडिकल हब विकसित करने के उपायों पर भी राय ली जाएगी। एलजी तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर शुरू हुई प्रक्रिया का उद्देश्य मास्टर प्लान के क्रियान्वयन से पहले प्रमुख पक्षों की आपत्तियां, सुझाव और स्थानीय जरूरतें सामने लाना है।
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अगले तीन महीने में 20 बैठकें, किसानों, व्यापारियों, आर्किटेक्ट और स्वास्थ्य क्षेत्र से भी ली जाएगी राय
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली के भविष्य की दिशा तय करने वाले मास्टर प्लान-2047 को जमीन पर उतारने से पहले डीडीए ने जनप्रतिनिधियों से सुझाव लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विकास सदन में हुई पहली हितधारक बैठक में तीन सांसदों और 33 विधायकों ने हिस्सा लिया। बैठक में ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (टीओडी), हाई डेंसिटी कॉरिडोर, लैंड पूलिंग और अनधिकृत कॉलोनियों से जुड़े प्रावधानों पर चर्चा हुई। जनप्रतिनिधियों ने डीडीए की पहल की सराहना करते हुए विस्तृत सुझाव देने के लिए 15 दिन का समय मांगा।
बैठक में सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, मनोज तिवारी और प्रवीण खंडेलवाल समेत 33 विधायक शामिल हुए। डीडीए उपाध्यक्ष एन. सरवण कुमार ने एमपीडी-2047 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी। जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप योजना में सुधार और प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर सुझाव रखे। लिखित सुझाव मिलने के बाद इन्हें आगे की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
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डीडीए अगले तीन महीनों में करीब 20 हितधारक बैठकें करेगा। इनमें किसान, भू-स्वामी, व्यापारी, उद्योग संगठन, आर्किटेक्ट, नगर नियोजक, निवासी, ग्रुप हाउसिंग प्रतिनिधि और परिवहन एजेंसियां शामिल होंगी। शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पक्षों से भी सुझाव लिए जाएंगे।
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यमुना, विरासत और स्लम पुनर्विकास भी एजेंडे में
बैठकों में लैंड पूलिंग, ग्रुप हाउसिंग पुनर्विकास, यमुना के ब्लू-ग्रीन जोन, विरासत संरक्षण, मिश्रित उपयोग, वाणिज्यिक विकास और इन-सीटू स्लम पुनर्विकास पर चर्चा होगी। भीड़भाड़ कम करने तथा शिक्षा और मेडिकल हब विकसित करने के उपायों पर भी राय ली जाएगी। एलजी तरनजीत सिंह संधू के निर्देश पर शुरू हुई प्रक्रिया का उद्देश्य मास्टर प्लान के क्रियान्वयन से पहले प्रमुख पक्षों की आपत्तियां, सुझाव और स्थानीय जरूरतें सामने लाना है।