ऑटो संकट से लगा सम विषम फॉर्मूले को झटका
सम विषम फॉर्मूला के साथ सड़क पर दस हजार नए ऑटो उतारकर जनता को फायदा देने के सरकार की योजना को झटका लगा है।
परमिट जारी करने में की जा रही गड़बड़ी के कारण सरकार ने फिलहाल ऑटो परमिट जारी करने की प्रक्रिया रोक दी है। यह तब तक बंद रहेगी जब तक की जांच पूरी नहीं हो जाती है।
ऐसे में सरकार को पुराने ऑटो संख्या से काम चलाना होगा। सरकार ने जोर-शोर से प्रचार किया था कि वह सम विषम फॉर्मूला लागू करने के साथ दिल्ली वालों को अन्य सार्वजनिक परिवहन के साधनों के साथ दस हजार नए ऑटो भी देगी।
पहले भी निलंबित हो चुका है मनीष पुरी
ऑटो परमिट घोटाले में निलंबित हुए तीन अधिकारियों में से एक इंस्पेक्टर मनीष पुरी पहले भी निलंबित हो चुका है। यही नहीं गड़बड़ी करने के चलते इनके दफ्तर और घर पर सीबीआई के छापे भी पड़े थे।
उस समय इस पर आरोप था की लोनी में रहते हुए इसने बड़ी संख्या में डायरेक्ट कॉमर्शियल लाइसेंस बना दिए यह यह संख्या सैकड़ों में नहीं करीब 2000 हजार थी। दरअसल, कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान डीटीसी में भर्तियां होनी थी।
उस समय सीधे कॉर्मिशियल लाइसेंस बनाने के लिए आवेदकों से मनीष पूरी ने मिलीभगत कर फर्जी लाइसेंस जारी किए थे। वह मामला अभी भी सीबीआई के पास है।