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प्राधिकरण ने बिल्डरों पर लगाई पाबंदी, बिना कंपलीशन के पजेशन नहीं

Wed, 27 Apr 2016 04:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Wed, 27 Apr 2016 04:52 AM IST
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Authority ban on the builders, possession will not be without completion

अब बिल्डर प्रोजेक्ट का कंपलीशन सर्टिफिकेट और रजिस्ट्री के बिना फ्लैट खरीदारों को पजेशन नहीं दे सकेंगे। प्राधिकरण ने इस पर रोक लगा दी है। प्राधिकरण ने बीते सप्ताह बिल्डरों की संस्था क्रेडाई के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की जिसमें बिल्डरों से कहा गया है कि वे जब तक अपने प्रोजेक्ट का कंपलीशन सर्टिफिकेट नहीं लेते और प्राधिकरण का बकाया जमा कर रजिस्ट्री न करा दें, तब तक खरीदारों को फ्लैट पर पजेशन नहीं दे सकते। यूपी अपार्टमेंट एक्ट में भी इसका उल्लेख है। प्राधिकरण ने इसका सख्ती से पालन करने को कहा है। अगर कोई बिल्डर इसकी अनदेखी करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, अब तक जिन सोसायटी में लोग रहने लगे हैं, उनको निकाला नहीं जाएगा, लेकिन बिल्डरों को भविष्य में ऐसा न करने को कहा गया है।

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दरअसल, ओखला पक्षी विहार से 10 किलोमीटर के दायरे में ईको सेंसटिव जोन मानते हुए एनजीटी ने प्राधिकरण को कंपलीशन सर्टिफिकेट जारी करने से रोक दिया था। यह रोक करीब दो साल तक रही। इस दौरान  जिन बिल्डरों ने प्रोजेक्ट पूरे कर लिए, उनके खरीदार प्राधिकरण पर यह कहकर दबाव बनाने लगे कि किराया व ईएमआई एक साथ देने से उन्हें दिक्कत हो रही है। इस पर प्राधिकरण ने बिल्डरों को पजेशन देने पर मौखिक सहमति दे दी, जिसका फायदा उठाते हुए बिल्डरों ने सुविधाओं को पूरा किए बिना ही पजेशन देना शुरू कर दिया। हजारों फ्लैटों में लोग बिना रजिस्ट्री कराए रहने लगे हैं।
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इससे प्राधिकरण को दोहरा नुकसान हो रहा है। एक तो सुविधाएं न मिलने से परेशान लोग प्राधिकरण व बिल्डर के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, जिससे प्राधिकरण की छवि खराब हो रही है। दूसरी ओर प्राधिकरण को बकाया वसूलने में भी दिक्कत हो रही है। फ्लैटों में लोग रहने लगे हैं, इसलिए कार्रवाई करने में भी अड़चन आ रही है।
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कंपलीशन सर्टिफिकेट का फायदा
प्राधिकरण का कहना है कि कंपलीशन सर्टिफिकेट लेने पर जांच की जाती है कि बिल्डर ने तय मानकों के हिसाब से बिल्डिंग का निर्माण कराया है या नहीं। सोसायटी में सभी जरूरी सुविधाएं दी गई हैं या नहीं। फ्लैट खरीदारों की शिकायत पर प्राधिकरण की टीम ने मंगलवार को सेक्टर-70 स्थित पैन ओयसिस प्रोजेक्ट का मुआयना किया। बिल्डर के प्रतिनिधियों ने जिन टावरों में लोग रहने लगे हैं उनमें सभी बकाया कामों को पूरा करने के लिए एक माह वक्त मांगा है। इसके बाद प्राधिकरण का भुगतान कर कंपलीशन लेकर रजिस्ट्री शुरू कराने का भी आश्वासन दिया है। यहां के निवासी सुविधाओं में कमी और रजिस्ट्री न होने से परेशान हैं।


सिलीकॉन सिटी में समस्याओं का अंबार
सेक्टर-76 स्थित आम्रपाली की सिलीकॉन सिटी की समस्याएं दूर होने का नाम नहीं ले रही हैं। बेसमेंट में अब भी पानी भरा हुआ है। बिजली के तार भी पानी में डूबे हैं, जिससे दुर्घटना भी सकती है। फ्लैटों में सीवेज की समस्या हो रही है। पानी के पाइप में लीकेज होने से बेसमेंट में पानी भर रहा है। सोसायटी के निवासी संदीप अग्रवाल ने बताया कि बेसमेंट में पानी भरने से वाहनों की पार्किंग नहीं हो पा रही। गांव के साथ बाउंड्री वॉल नहीं बनी है, जिससे सोसायटी की सुरक्षा रामभरोसे है। रजिस्ट्री न होने से परेशान खरीदार पहले से ही आंदोलनरत हैं। सोसायटी की लिफ्ट भी बार-बार खराब हो रही है। करीब 800 परिवार यहां रहने लगे हैं, ताकि उन्हें परेशानी हो रही है। बिल्डरों की तरफ से इन समस्याओं को शीघ्र दूर करने का आश्वासन दिया जा रहा है।

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