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एटीएम हैकर्स: चुराई रकम से दिल्ली, नोएडा और साहिबाबाद में खरीदे फ्लैट
Wed, 01 Dec 2021 04:13 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
सुमित कुमार, इंदिरापुरम
सुमित कुमार, इंदिरापुरम
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 01 Dec 2021 04:13 PM IST
सार
ऐशोआराम के लिए नोएडा में खरीदा 50 लाख का फ्लैट और गाड़ी खरीदकर कर रहे थे मौज।
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यूपी पुलिस।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
एटीएम हैकर्स से पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली बात सामने आई है। एटीएम से चुराई गई रकम से शातिरों ने दिल्ली, नोएडा और साहिबाबाद में अपना आशियाना बना लिया। ऐशोआराम के लिए लग्जरी गाड़ियां भी खरीदीं। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि शाहनवाज ने साहिबाबाद के डीएलएफ में करीब 40 लाख रुपये और नोएडा की गौर सिटी में 50 लाख रुपये का फ्लैट खरीदा। सगीर ने भी दिल्ली के हर्ष विहार और सीलमपुर में चार-चार मंजिल मकान बना लिए, जबकि मेहराज की मुस्ताफाबाद में 500 गज जमीन पर चार मंजिला कोठी तैयार है।
आठ राज्यों के करीब 215 गिरोह के रिकॉर्ड खंगाले
सुमित कुमार ने बताया कि एटीएम हैकर्स को पकड़ने के लिए टीम ने आठ राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मुंबई, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और यूपी के करीब 215 गिरोह के रिकॉर्ड खंगाले। संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क किया और तीन साल के रिकॉर्ड की जगह छह साल की कुंडली खंगाली। यहीं से पुलिस को एक वीडियो फुटेज के जरिये शाहनवाज के बारे में सुराग मिला। किसी भी वारदात को करने से पहले अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और कैप लगा लेते थे।
घटना के बाद नोएडा में छिपा देते थे गाड़ी
वारदात के बाद आरोपी घटना में इस्तेमाल गाड़ी को नोएडा में एक जगह पर छिपा देते थे। 2015 से पहले वह इंदिरापुरम में एक जगह पर गाड़ी छिपाते थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पैसा डबल करने के लिए बिटकॉइन में भी रकम निवेश की हुई थी। साइबर की जानकारी ज्यादा होने से नफा नुकसान की परवाह नहीं करते थे।
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आठ राज्यों के करीब 215 गिरोह के रिकॉर्ड खंगाले
सुमित कुमार ने बताया कि एटीएम हैकर्स को पकड़ने के लिए टीम ने आठ राज्यों मध्यप्रदेश, गुजरात, राजस्थान, मुंबई, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और यूपी के करीब 215 गिरोह के रिकॉर्ड खंगाले। संबंधित राज्यों की पुलिस से संपर्क किया और तीन साल के रिकॉर्ड की जगह छह साल की कुंडली खंगाली। यहीं से पुलिस को एक वीडियो फुटेज के जरिये शाहनवाज के बारे में सुराग मिला। किसी भी वारदात को करने से पहले अपनी पहचान छिपाने के लिए मास्क और कैप लगा लेते थे।
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घटना के बाद नोएडा में छिपा देते थे गाड़ी
वारदात के बाद आरोपी घटना में इस्तेमाल गाड़ी को नोएडा में एक जगह पर छिपा देते थे। 2015 से पहले वह इंदिरापुरम में एक जगह पर गाड़ी छिपाते थे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने पैसा डबल करने के लिए बिटकॉइन में भी रकम निवेश की हुई थी। साइबर की जानकारी ज्यादा होने से नफा नुकसान की परवाह नहीं करते थे।
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