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Delhi: सीवेज की ओवरफ्लो पर जल मंत्री आतिशी का कड़ा रुख, DJB सीईओ और अधिकारियों को जारी किए निर्देश
Wed, 13 Dec 2023 06:09 PM IST
विजय पुंडीर
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 13 Dec 2023 06:09 PM IST
सार
दिल्ली में हो रही सीवेज की ओवरफ्लो पर जल मंत्री आतिशी ने कड़ा रुख अपनाया है। जल मंत्री आतिशी ने राजधानी के कई हिस्सों में सीवेज ओवरफ्लो पाए जाने पर जल बोर्ड के सीईओ को पत्र लिखा है।
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मंत्री आतिशी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जल मंत्री आतिशी ने सीवर के ओवर फ्लो और उनकी शिकायतों को निपटारा न होने पर जल बोर्ड अधिकारियों से सख्त नाराजगी दिखाई है। इस बारे में आतिशी ने एक बार फिर से बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) को शिकायती पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने सीईओ को निर्देश दिया है कि शीर्षस्थ अधिकारियों से लेकर जूनियर इंजीनियरों तक को इलाके का निरीक्षण करना है। हर सोमवार इसकी प्रगति रिपोर्ट भी उनको सौंपनी है।
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आतिशी ने सीईओ को लिखे पत्र में कहा कि उनके कार्यालय में विभिन्न हिस्सों से सीवर ओवरफ्लो के संबंध में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। इसके अलावा उन्हें संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों के साथ सुल्तानपुर माजरा, मयूर विहार, अशोक विहार, चितला गेट, नेहरू हिल के कई क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान जमीनी स्थिति न केवल निराशाजनक, बल्कि अमानवीय भी मिली। इन इलाकों में सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है। इन इलाकों के लोग कई महीनों से समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कई जगगह सीवर ओवरफ्लो होने के कारण लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए ईंट रखने के लिए मजबूर होना पड़ा है। बोर्ड अधिकारियों की लापरवाही ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बीमार करने वाली स्थिति पैदा कर दी है। यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
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जमीनी हकीकत से अधिकारी बेपरवाह
आतिशी ने पत्र में लिखा है कि जब वह दौरों पर होती हैं तो उसके साथ जाने वाली अधिकारी जमीनी स्तर पर आम लोगों के सामने आने वाली समस्याओं से अनजान हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को इसका कुछ भी नहीं पता है। अधिकारियों की समझ व जमीनी हकीकत में बिल्कुल भी मेल नहीं है। जबकि उन्होंने गत दिनों सीईओ व अधिकारियों को 48 घंटों के भीतर सभी सार्वजनिक शिकायतों को हल करने के लिए निर्देश दिए थे। इस मोर्चे पर कोई भी लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
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दौरे का निर्देश
आतिशी ने सीईओ समेत जल बोर्ड के सभी अधिकारियों को जमीनी हकीकत का मुआइना करने का निर्देश दिया है। इसके लिए उन्होंने समय भी तय किया है। बतौर आतिशी, बोर्ड के सीईओ व सदस्य को हर सप्ताह इलाके में कम से कम दो दौरे करने हैं। वहीं, मुख्य अभियंता को हर सप्ताह कम से कम तीन बार इलाके में रहेगा। जबकि सभी कनिष्ठ अभियंता (जेई), सहायक अभियंता (एई), अतिरिक्त मुख्य अभियंता व अधीक्षण अभियंता हर दिन दौरे करें। जल मंत्री का मानना है कि इससे व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।