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अटाली में लोग हैं खौफजदा, कहीं हमला न कर दे कोई

Mon, 08 Jun 2015 08:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद Updated Mon, 08 Jun 2015 08:50 PM IST
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Atali people still scared, not far attack again.

अटाली हिंसा को दो सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन प्रशासन अभी तक दोनों समुदायों के लोगों में एक-दूसरे के प्रति विश्वास बहाली नहीं करवा सका है। लोगों में अभी भी असुरक्षा की भावना है।

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स्थिति सामान्य करने के प्रयास में जुटे लोगों को भी विरोध झेलना पड़ रहा है। प्रशासन ने तनाव खत्म करने के नाम पर सिर्फ सुरक्षा बल तैनात कर रखा है। गांव में बाहरी लोगों के साथ ही मीडिया पर अघोषित प्रतिबंध लगाया हुआ है।
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गांव में धार्मिक स्थल बनाए जाने के विरोध में 24 मई की रात कुछ लोगों ने अल्पसंख्यक समुदाय के घरों पर हमला कर आग लगा दी थी। वहां लूटपाट भी की गई थी। महिला बच्चों समेत कई लोग घायल हो गए थे।

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सोचकर कांप जाती है रूह

Atali people still scared, not far attack again.

गांव के करीब सवा सौ अल्पसंख्यक परिवारों ने थाने में शरण ली थी। धार्मिक स्थल वहीं बनने या नहीं बनने की बात को लेकर दोनों पक्ष अपनी बात पर अड़े रहे थे। मामला अल्पसंख्यक आयोग तक पहुंचने के बाद प्रशासन हरकत में आया था।

करीब दस दिन बाद कार्रवाई और सुरक्षा का आश्वासन देकर पीड़ित परिवारों को उनके घरों पर वापस भेजा गया था। कभी सुबह शाम साथ में बिताने वाले अटाली के दोनों समुदाय अब असुरक्षा की भावना से घिरे हैं।

गांव के संदीप (नाम परिवर्तित) कहते हैं कि उन्हें डर है कि दूसरे पक्ष के लोग बदला लेने के लिए हमला न बोल दें। यही स्थिति अल्पसंख्यकों की है। गांव के छुट्टन (नाम परिवर्तित) कहते हैं कि हिंसा वाले दिन जो कुछ भी हुआ उसे सोचकर रूह कांप जाती है।

कोई बदला लेने ना आ जाए !

Atali people still scared, not far attack again.
घरों के दरवाजे और खिड़कियां टूट चुके हैं। अब हमला हुआ तो बचाव भी नहीं हो सकेगा। संदीप और छुट्टन कमोेबेश दोनों समुदाय की भावनाओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। थाने में चला पंचायतों का दौर पीड़ित परिवारों के वापस लौटने के बाद थम गया है।

प्रशासन की ओर से भी अब दोनों के बीच शांति स्थापित करने के लिए बैठकें या पंचायत नहीं करवाई जा रही है। शांति बहाली के नाम पर गांव के चप्पे-चप्पे पर रैपिड एक्शन फोर्स, हरियाणा आर्म्ड पुलिस और सिविल पुलिस तैनात है।

एसीपी मुजेसर विष्णुदयाल ने कहा कि गांव में कोई अप्रिय घटना नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए चौबीस घंटे चौकसी की जा रही है। 
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