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Salimgarh Fort Delhi: नए रंग-रूप में पर्यटकों को आकर्षित करेगा सलीमगढ़ किला, जानें क्या है इसका ऐतिहासिक महत्व

Thu, 18 May 2023 08:10 AM IST
आकाश दुबे आशीष सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली
आशीष सिंह, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 18 May 2023 08:10 AM IST
सार

भारतीय पुरातत्व विभाग के मुताबिक, जी20 शिखर सम्मेलन को देखते हुए इसका काम एक महीने के भीतर पूरा कर लेने की उम्मीद है। बहादुर शाह जफर के शासन काल में बनाया गया धनुषाकार पुल इस किले को लाल किले से जोड़ता है। 

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ASI working to preserve Salimgarh Fort
सलीमगढ़ किला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लाल किला परिसर में स्थित सलीमगढ़ किला जल्द ही नए रंग रूप में देशी-विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करेगा। खासतौर पर वह हिस्सा, जहां आजाद हिंद फौज के सेनानियों को कैद में रखा गया था। स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियों से लोगों को रूबरू करवाया जाएगा। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) सलीमगढ़ किले को संरक्षित करने का काम कर रहा है। भारतीय पुरातत्व विभाग के मुताबिक, जी20 शिखर सम्मेलन को देखते हुए इसका काम एक महीने के भीतर पूरा कर लेने की उम्मीद है।

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दरअसल, आजाद हिंद फौज के मेजर जनरल शाह नवाज खान, कर्नल गुरबख्श सिंह ढिल्लों, कर्नल प्रेम कुमार समेत दूसरे कई स्वतंत्रता सेनानियों को अंग्रेजों ने द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कैद किया था। बारिश व बिजली गिरने से कई जगहों से सलीमगढ़ की अर्द्ध गुंबद खराब हो गई थी। इसको सुधारने का काम एएसआई कर रहा है। किले के अंदर बनी जेल में 20 बैरकों में से एक-दूसरे से जुड़ी आठ बैरक में दर्शकों को स्वतंत्रता संघर्ष की कहानियां दर्शाई गई हैं। रंग-रोगन के साथ यहां सूचना बोर्ड भी लाए जाएंगे। जेल के दरवाजे व अर्द्ध गुंबद को संरक्षित किया जा रहा है। यहां संरक्षण कार्य राजस्थान के धौलपुर से करीब 35 कारीगर कर रहे हैं।

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बहादुरशाह के शासन में बना पुल जुड़ता है लाल किले से
बहादुर शाह जफर के शासन काल में बनाया गया धनुषाकार पुल इस किले को लाल किले से जोड़ता है। सलीमगढ़ किले का मुख्य प्रवेशद्वार, एक सादी संरचना है जिसमें थोड़ा-बहुत लाल बलुआ पत्थर लगा हुआ है और उसे आम तौर पर बहादुर शाह जफर द्वार के रूप में भी जाना जाता है। 

1546 में सलीम सूरी ने बनवाया था किला
शेर शाह सूरी के बेटे सलीम शाह सूरी ने सन 1546 में सलीमगढ़ किले को स्थापित किया था।  आईएनए के कई कैदियों को सलीमगढ़ किले में बंदी बनाया गया। इन कैदियों के मुकदमों की सुनवाई बाद में लाल किले में हुई थी। 1995 में किले को भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों के स्मारक में परिवर्तित किया गया और उसका नाम बदलकर स्वतंत्रता सेनानी स्मारक रखा गया था। माना जाता है कि औरंगजेब ने अपने ही भाई मुराद बख्श और पुत्री जेबुन्निसा को सलीमगढ़ किले में कैद किया था।

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जल्द पूरा होगा काम
जेल का संरक्षण कार्य लगभग कार्य पूरा हो गया है। जेल की छत के आर्क बीम में दरारें विकसित हो गई थीं। इसकी अवस्था जर्जर होने से पर्यटक यहां जा नहीं पाते थे। नवहीं, सलीमगढ़ किले की अर्ध गुबंद को भी संरक्षित किया जा रहा है। -प्रवीण सिंह, दिल्ली सर्कल चीफ व सुपरिटेंडेंट आर्कियोलॉजिस्ट,एएसआई

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