दिल्ली के व्यापारियों पर तीन बार घातक हमला, सदन में सीएम केजरीवाल का केंद्र सरकार पर हमला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दिल्ली में हो रही सीलिंग के बहाने सदन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के व्यापारियों पर तीन बार घातक हमला हुआ है।
पहले नोटबंदी, इसके बाद जीएसटी और अब सीलिंग के बहाने हमला किया जा रहा है। सीलिंग करने के लिए बाजारों को इस तरह छावनी में तब्दील कर दिया जा रहा है, जैसे भारत पर पाकिस्तान का हमला हो गया हो।
केजरीवाल ने सदन में यह भी कहा कि ऐसा लग रहा है, जैसे व्यापार को बंद करने की ठान ली गई हो। व्यापारियों की दुकानें सील कर दी गई हैं। सीलिंग के लिए अमर कॉलोनी को छावनी बना दिया गया था।
महिलाओं पर बरसाए डंडे
महिलाओं को भी सीलिंग के दौरान मारा गया। विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि सीलिंग तो हो रही है, लेकिन नेताओं की दुकानों की सीलिंग नहीं हो रही है। उदाहरण दिया कि भाजपा विधायक ओपी शर्मा की दुकान सीलिंग की चपेट में नहीं आई।
उन्होंने कहा कि पहले कांग्रेस ने सीलिंग से बचने के उपाय नहीं ढूंढे और अब भाजपा बचाव नहीं कर रही है। हालांकि उन्होंने कहा कि सीलिंग को लेकर अब डीडीए दिल्ली मास्टर प्लान में बदलाव कर रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि अध्यादेश या बिल लाकर तत्काल प्रभाव से सीलिंग को रोके। मामला पेचीदा है, एक साल का वक्त दें, इस बीच हम इसका समाधान निकाल लेंगे।
केजरीवाल ने सीलिंग मुद्दे पर सदन में दिए सुझाव पर रखा अपना पक्ष
-केजरीवाल ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट की मॉनीटरिंग कमेटी से मिलने चलेंगे। पक्ष व विपक्ष दोनों मॉनीटरिंग कमेटी से मिलने जाएंगे। मॉनीटरिंग कमेटी को चिट्ठी इस बाबत लिखूंगा।
-सदन के जरिए दिल्ली के भाजपा सांसदों से अपील कर रहे हैं कि सीलिंग मामले को उठाएं। घर से बाहर निकलकर संसद में इस मामले को उठाएं और दिल्ली के व्यापारियों को राहत दिलाएं।
-प्रधानमंत्री से मिलने का समय मांगा है। प्रधानमंत्री मिलने का समय नहीं दे रहे हैं। सदन के भाजपा सदस्य प्रधानमंत्री से मिलने का समय लें। सदन के सभी सदस्य सीलिंग समस्या को लेकर मिलेंगे। उनके पास इसका समाधान चुटकियों में है।
-31 मार्च तक दिल्ली में सीलिंग बंद नहीं हुई, तो व्यापारियों के साथ हम भी भूख हड़ताल पर बैठेंगे।