केजरीवाल को किसने दिलवाया मैग्सेसे?
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डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि अमेरिकी सरकार के इशारे पर यह पुरस्कार केजरीवाल को दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के इशारे पर ही केजरीवाल ने देश में अस्थिरता और अराजकता फैलाने का काम किया था।
उन्होंने कहा कि देश में अस्थिरता लाने के लिए उन्होंने कांग्रेस के साथ गुप्त समझौता कर 28 विधायकों के बल पर दिल्ली में सरकार बनाई और हताश होकर 49 दिनों में सरकार छोड़कर भाग खड़े हुए।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विधायक होने के नाते उन्होंने केजरीवाल और उनकी पार्टी की गतिविधियों को 49 दिनों में नजदीक से देखा।
'देश्ा के लिए खतरा हैं केजरीवाल'
हर्षवर्धन ने कहा कि आम आदमी पार्टी के संयोजक और उनके साथी देश के लिए खतरा हैं। इनसे दिल्ली व पूरे देश की जनता को सावधान रहने की जरूरत है।
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि अब समय आ गया है कि अरविंद केजरीवाल को मैग्सेसे पुरस्कार मिलने की अंदरूनी कहानी और इनके विदेशी एजेंट होने का खुलासा किया जाए।
बता दें कि मैग्सेसे पुरस्कार को एशिया के नोबल पुरस्कार के रूप में देखा जाता है। मोदी का समर्थन करने वाली पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी को भी इससे नवाजा गया है।
हर्षवर्धन ने उठाया सवाल
दिल्ली प्रदेश भाजपा ने आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को मैग्सेसे पुरस्कार दिए जाने पर सवाल उठाया है।
पार्टी अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि फोर्ड फाउंडेशन और रॉकफेलर बंधुओं के फंड से फिलीपीन्स सरकार यह पुरस्कार देती है। ये उन्हीं लोगों को मिलता है जो अपने देश में अराजकता और अस्थिरता को बढ़ावा देने का काम करते हैं।
इनके माध्यम से यह कार्य इसलिए कराया जाता है, ताकि लोकतंत्र के पांव मजबूत न हों। पुरस्कार के बहाने उन्होंने ‘आप’ संयोजक अरविंद केजरीवाल पर भी निशाना साधा।