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30 करोड़ से अधिक ठगी में दंपती गिरफ्तार
Mon, 11 Feb 2019 06:11 AM IST
राजेश सैनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Published by: राजेश सैनी
Updated Mon, 11 Feb 2019 06:11 AM IST
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देश भर में सैकड़ाें लोगों से 30 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले भगोड़े दंपती को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पकड़े गए दंपती की पहचान विनोद बंसल (57) और प्रीति बंसल (56) के रूप में हुई है। आरोपी अधूरे प्रोजेक्ट में निवेश और नामी स्कूलों की फ्रेंचाइजी के नाम पर निवेश कराने के बहाने ठगी करते थे। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा की अदालतों ने 13 मामलों में दोनों को भगोड़ा घोषित किया था। दोनों के खिलाफ 20 से अधिक मामले दर्ज हैं।
इनमें सीबीआई में 3 और आर्थिक अपराध शाखा में एक मामला शामिल है। पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि कोटला मुबारकपुर थाने की पुलिस भगोड़े आरोपियों की तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विनोद और प्रीति बंसल के खिलाफ 29 जनवरी को सीबीआई ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की है। पुलिस ने रविवार को सूर्या नगर, गाजियाबाद के एक मकान में पर छापा मारकर दंपती को गिरफ्तार कर लिया। अब तक हुई पूछताछ में 30 करोड़ से अधिक की ठगी की बात सामने आई है हालांकि पुलिस अधिकारी 50 करोड़ से अधिक की ठगी की आशंका जता रहे हैं।
निवेश कराने के नाम पर करता था ठगी
1983 विनोद बंसल ने फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर का काम शुरू किया। 1995 में उसने करोलबाग इलाके में प्रॉपर्टी और हरियाणा के मुर्थल में फैक्ट्री खरीदी। इसके बाद उसका ग्रुप हाउसिंग स्कैम में उसका नाम आया। आरोपी ने लुधियाना में जीडी गोयनका स्कूल, डॉन बॉस्को, ग्लोबल स्कूल की फ्रेंचाइजी लेकर लोगों से खूब रुपये निवेश करवाए। बाद में सभी के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया। इसके बाद वह वापस दिल्ली आया और उसने ग्रीन पार्क में प्रॉपर्टी खरीदी और उसे बैंक में गिरवी रख दिया। बाद में उसने गिरवी रखी प्रॉपर्टी को बिना बैंक की सूचना के कई लोगों को अलग-अलग बेचकर करोड़ों रुपये ठग लिए। उसने लार्ड ऑफ बुद्धा नाम से सोसायटी बनाकर चोला मंडलम, इंटेक, कैपेरो के अलावा कई फाइनेंसरों से सोसायटी के नाम पर मोटा लोन लेकर पैसे नहीं लौटाए। पुलिस के मुताबिक इन सभी ठगी के मामलों में उसकी पत्नी भी शामिल थी।
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पहले भी जेल जा चुके हैं पति-पत्नी
2006 में ग्रुप हाउसिंग स्कैम में निवेशकों से ठगी के मामले में सीबीआई ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ माह बाद जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने दोबारा ठगी शुरू कर दी। इस बीच कोर्ट दोनों को भगोड़ा घोषित करता रहा। 2016 में दोनों एक बार फिर गिरफ्तार हुए, लेकिन उन्हें अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया। जिसके बाद दोनों कभी कोर्ट में पेश नही हुए। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू भी जारी किया था।
कौन हैं पकड़े गए विनोद बंसल व प्रीति बंसल
मूलरूप से पंजाब का रहने वाले विनोद बंसल ने पंजाब विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। उसकी पत्नी गाजियाबाद की रहने वाली है। वह अंग्रेजी से एमए है। दोनों का एक बेटा है। दोनों का घर गुरुग्राम में है। दोनों ठगी करने के बाद अपना ठिकाना लगातार बदलते रहते थे। एक बार ठगी करने के बाद दोनों अपना हुलिया भी बदल लेते थे।
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इनमें सीबीआई में 3 और आर्थिक अपराध शाखा में एक मामला शामिल है। पुलिस उपायुक्त विजय कुमार ने बताया कि कोटला मुबारकपुर थाने की पुलिस भगोड़े आरोपियों की तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि विनोद और प्रीति बंसल के खिलाफ 29 जनवरी को सीबीआई ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू की है। पुलिस ने रविवार को सूर्या नगर, गाजियाबाद के एक मकान में पर छापा मारकर दंपती को गिरफ्तार कर लिया। अब तक हुई पूछताछ में 30 करोड़ से अधिक की ठगी की बात सामने आई है हालांकि पुलिस अधिकारी 50 करोड़ से अधिक की ठगी की आशंका जता रहे हैं।
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निवेश कराने के नाम पर करता था ठगी
1983 विनोद बंसल ने फरीदाबाद में प्रॉपर्टी डीलर का काम शुरू किया। 1995 में उसने करोलबाग इलाके में प्रॉपर्टी और हरियाणा के मुर्थल में फैक्ट्री खरीदी। इसके बाद उसका ग्रुप हाउसिंग स्कैम में उसका नाम आया। आरोपी ने लुधियाना में जीडी गोयनका स्कूल, डॉन बॉस्को, ग्लोबल स्कूल की फ्रेंचाइजी लेकर लोगों से खूब रुपये निवेश करवाए। बाद में सभी के करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया। इसके बाद वह वापस दिल्ली आया और उसने ग्रीन पार्क में प्रॉपर्टी खरीदी और उसे बैंक में गिरवी रख दिया। बाद में उसने गिरवी रखी प्रॉपर्टी को बिना बैंक की सूचना के कई लोगों को अलग-अलग बेचकर करोड़ों रुपये ठग लिए। उसने लार्ड ऑफ बुद्धा नाम से सोसायटी बनाकर चोला मंडलम, इंटेक, कैपेरो के अलावा कई फाइनेंसरों से सोसायटी के नाम पर मोटा लोन लेकर पैसे नहीं लौटाए। पुलिस के मुताबिक इन सभी ठगी के मामलों में उसकी पत्नी भी शामिल थी।
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पहले भी जेल जा चुके हैं पति-पत्नी
2006 में ग्रुप हाउसिंग स्कैम में निवेशकों से ठगी के मामले में सीबीआई ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। कुछ माह बाद जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने दोबारा ठगी शुरू कर दी। इस बीच कोर्ट दोनों को भगोड़ा घोषित करता रहा। 2016 में दोनों एक बार फिर गिरफ्तार हुए, लेकिन उन्हें अंतरिम जमानत पर छोड़ दिया गया। जिसके बाद दोनों कभी कोर्ट में पेश नही हुए। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ एनबीडब्ल्यू भी जारी किया था।
कौन हैं पकड़े गए विनोद बंसल व प्रीति बंसल
मूलरूप से पंजाब का रहने वाले विनोद बंसल ने पंजाब विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन किया था। उसकी पत्नी गाजियाबाद की रहने वाली है। वह अंग्रेजी से एमए है। दोनों का एक बेटा है। दोनों का घर गुरुग्राम में है। दोनों ठगी करने के बाद अपना ठिकाना लगातार बदलते रहते थे। एक बार ठगी करने के बाद दोनों अपना हुलिया भी बदल लेते थे।