{"_id":"6a23358e3215686f1307e26c","slug":"armed-women-police-officers-will-be-deployed-in-delhi-buses-2026-06-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi: दिल्ली की बसों में तैनात होंगी हथियारबंद महिला पुलिसकर्मी, आधी आबादी को अब घर तक मिलेगी सुरक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi: दिल्ली की बसों में तैनात होंगी हथियारबंद महिला पुलिसकर्मी, आधी आबादी को अब घर तक मिलेगी सुरक्षा
Sat, 06 Jun 2026 02:16 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 06 Jun 2026 02:16 AM IST
सार
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए डीटीसी की बसों के भीतर हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा अब केवल बस स्टॉप तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें उनके घर की दहलीज तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए एक विशेष डोर-स्टेप सुरक्षा मॉडल तैयार किया है।
विज्ञापन
सुरक्षित सफर की कवायद।
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
दिल्ली की सार्वजनिक बसों में अब महिलाएं पूरी तरह बेखौफ होकर सफर कर सकेंगी। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए डीटीसी की बसों के भीतर हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती होगी। साथ ही, महिलाओं की सुरक्षा अब केवल बस स्टॉप तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन्हें उनके घर की दहलीज तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए एक विशेष डोर-स्टेप सुरक्षा मॉडल तैयार किया है। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि बस से उतरने के बाद उनका आखिरी मंजिल तक का सफर भी सुरक्षित रहे।
विज्ञापन
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर दिल्ली परिवहन विभाग के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि महिला यात्रियों की सुरक्षा सिर्फ बस या सार्वजनिक परिवहन के अंदर ही नहीं, बल्कि बस स्टॉप, मेट्रो स्टेशन या डिपो से उनके घर तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। बसों में महिला कमांडो (हथियारबंद पुलिस) की मौजूदगी इसमें अहम है। इसके लिए परिवहन विभाग जल्द ही दिल्ली पुलिस के साथ तालमेल कर तैनाती की प्रक्रिया शुरू करेगा। वर्तमान में मौजूद सीसीटीवी कैमरों, पैनिक बटन और बस मार्शलों की व्यवस्था को इस नई व्यवस्था के साथ एकीकृत किया जाएगा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
विज्ञापन
घर की दहलीज तक सुरक्षित पहुंचाने की योजना
अक्सर देखा जाता है कि बस से उतरने के बाद घर तक जाने वाले रास्ते में महिलाएं असुरक्षित महसूस करती हैं। इस समस्या को हल करने के लिए लास्ट-माइल कनेक्टिविटी पर जोर दिया है। इसके तहत ऑटो, ई-रिक्शा और कैब एग्रीगेटर्स को एक साझा सुरक्षा नेटवर्क पर लाया जाएगा। विशेष रूप से दूर-दराज के इलाकों, रिमोट एरिया और बाहरी मोहल्लों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का जाल बिछाया जाएगा, ताकि महिलाओं को भरोसेमंद स्थानीय परिवहन मिल सके।
विज्ञापन
सहेली पिंक कार्ड और वुमन-ओनली कारपूलिंग
महिलाओं की यात्रा को आसान बनाने के लिए सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड की सुविधा अब केवल बसों तक सीमित नहीं रहेगी। इस कार्ड को मेट्रो, ऑटो और अन्य परिवहन माध्यमों में भी इस्तेमाल के योग्य बनाया जाएगा, जिससे महिलाओं को सीमलेस यानी निर्बाध यात्रा का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, एलजी ने निजी टैक्सी एग्रीगेटर्स जैसे ऊबर, ओला और रैपिडो के साथ मिलकर वुमन-ओनली कारपूलिंग शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। इसका फायदा ये होगा कि यदि कैब का ड्राइवर पुरुष है, तो भी महिला यात्री को अकेले सफर नहीं करना पड़ेगा, उसके साथ कम से कम एक अन्य महिला यात्री का होना अनिवार्य किया जा सकता है।
सिस्टम में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी
एलजी ने कहा, सुरक्षा के इस पूरे ढांचे को और अधिक संवेदनशील बनाने के लिए परिवहन बेड़े में महिलाओं की भर्ती बढ़ाई जाएगी। वर्तमान में दिल्ली के परिवहन तंत्र में 1,002 महिला कंडक्टर और 77 महिला ड्राइवर काम कर रही हैं, जिनकी संख्या में भविष्य में बड़ा इजाफा देखने को मिलेगा।