वैट बढ़ाने पर यूथ कांग्रेस ने घेरा केजरीवाल का घर
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दिल्ली सरकार ने भले ही विधानसभा में वैट संशोधिन अधिनियम 2015 को मंजूरी दे दी हो लेकिन इस निर्णय पर हंगामा मचना शुरु हो गया है। बुधवार को यूथ कांग्रेस ने इस बिल के विरोध में और इसे वापस लेने के लिए सरकार पर दवाव डाला।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास के बाहर के यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया और सरकार से इस बिल को वापस लेने की मांग की।
बता दें कि इस बिल के पास हो जाने के बाद अब सरकार के पास अधिकार होगा कि वह जब चाहे मूल्य संवर्धन कर (वैट) को घटा या बढ़ा सके। हालांकि बिल पेश किए जाते समय ही विपक्ष ने सदन के अंदर भी इस पर जमकर आपत्ति दर्ज कराई थी।
अधिनियम में संशोधन के अनुसार, वैट को साढ़े 12 फीसदी से लेकर 30 फीसदी तक अब सरकार अपनी मनमर्जी से बढ़ा सकती है।
हालांकि, अभी सरकार ने इसमें वृद्धि करने के संकेत नहीं दिए हैं। उत्तर भारत में यह पहली बार हुआ है कि वित्त मंत्रियों से बातचीत कर समान दर लाने का प्रयास किया गया है।
जरूरी नहीं कि बढ़ेगा वैट
संशोधन की स्वीकृति मिलने से पूर्व सदन में चर्चा के दौरान दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कुछ मीडिया ग्रुप इसे गलत ढंग से पेश कर रहे हैं। अधिनियम में संशोधन का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि हम वैट बढ़ाने जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विपक्ष शायद पूरी बात ठीक से समझ नहीं पाया है। हमने साफ कहा है कि दिल्ली में वैट नहीं बढ़ेगा, बल्कि राजस्व बढ़ाया जाएगा। वैट व दूसरे कर में बड़े स्तर पर हो रही चोरी को रोककर बढ़ाया जाएगा।
कर की व्यवस्था को इस तरह बनाया जाएगा कि अधिक से अधिक कारोबारी स्वेच्छा से टैक्स दें। आज दिल्ली में पड़ोसी राज्यों से वैट कम है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि नाराजगी जताने वालों को भाजपा शासित राज्यों में जाकर विरोध दर्ज करना चाहिए। हरियाणा और राजस्थान में वैट अनलिमिटेड है। वहां कुछ मदों में 65 प्रतिशत तक वैट है। पंजाब और उत्तराखंड में वैट 50 फीसद तक है। ऐसे में विपक्ष का आरोप निराधार है।