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Delhi NCR News: एयरपोर्ट विस्तार के लिए 32 पेड़ों के ट्रांसप्लांट की मंजूरी, कटाई पर रोक
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-हालांकि विभाग ने साफ किया कि किसी भी पेड़ को काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली वन विभाग ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआई) पर एप्रन सुविधा बढ़ाने के लिए 32 पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की मंजूरी दी है। हालांकि विभाग ने साफ किया कि किसी भी पेड़ को काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट के तहत यह अनुमति दी गई। एयरपोर्ट के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) क्षेत्र के विस्तार के लिए 34 पेड़ों को हटाने की मांग की गई थी, लेकिन साइट निरीक्षण के बाद विभाग ने 32 पेड़ों को स्थानांतरित करने की इजाजत दी और कटाई पर रोक लगा दी।
आदेश के अनुसार, ट्रांसप्लांट किए जा रहे पेड़ों के बदले टर्मिनल-3 के सामने न्यू उड़ान भवन क्षेत्र में 320 नए पौधे लगेंगे, जो हटाए जाने वाले पेड़ों की संख्या से 10 गुना अधिक है। इन पौधों की सात साल तक देखभाल करना अनिवार्य होगा। एजेंसी ने ट्रांसप्लांटेशन और शर्तों के पालन के लिए 18.24 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा कराई है। सभी ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों की जियो-टैगिंग होगी और उनकी प्रगति की तस्वीरें विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। आदेश में यह भी कहा कि काम शुरू करने से कम से कम तीन दिन पहले ट्री ऑफिसर को सूचना देनी होगी। यदि किसी पेड़ पर पक्षियों या अन्य वन्य जीवों के सक्रिय घोंसले पाए जाते हैं तो उसे ट्रांसप्लांट नहीं होगा। यह अनुमति दो साल के लिए वैध रहेगी, जिसे जरूरत पड़ने पर एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। अगर तय शर्तों का पालन नहीं किया गया तो विभाग सिक्योरिटी राशि से खर्च वसूल कर कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली।
दिल्ली वन विभाग ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईजीआई) पर एप्रन सुविधा बढ़ाने के लिए 32 पेड़ों को ट्रांसप्लांट करने की मंजूरी दी है। हालांकि विभाग ने साफ किया कि किसी भी पेड़ को काटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। दिल्ली प्रिजर्वेशन ऑफ ट्रीज एक्ट के तहत यह अनुमति दी गई। एयरपोर्ट के मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल (एमआरओ) क्षेत्र के विस्तार के लिए 34 पेड़ों को हटाने की मांग की गई थी, लेकिन साइट निरीक्षण के बाद विभाग ने 32 पेड़ों को स्थानांतरित करने की इजाजत दी और कटाई पर रोक लगा दी।
आदेश के अनुसार, ट्रांसप्लांट किए जा रहे पेड़ों के बदले टर्मिनल-3 के सामने न्यू उड़ान भवन क्षेत्र में 320 नए पौधे लगेंगे, जो हटाए जाने वाले पेड़ों की संख्या से 10 गुना अधिक है। इन पौधों की सात साल तक देखभाल करना अनिवार्य होगा। एजेंसी ने ट्रांसप्लांटेशन और शर्तों के पालन के लिए 18.24 लाख रुपये की सिक्योरिटी राशि जमा कराई है। सभी ट्रांसप्लांट किए गए पेड़ों की जियो-टैगिंग होगी और उनकी प्रगति की तस्वीरें विभाग के पोर्टल पर अपलोड करनी होंगी। आदेश में यह भी कहा कि काम शुरू करने से कम से कम तीन दिन पहले ट्री ऑफिसर को सूचना देनी होगी। यदि किसी पेड़ पर पक्षियों या अन्य वन्य जीवों के सक्रिय घोंसले पाए जाते हैं तो उसे ट्रांसप्लांट नहीं होगा। यह अनुमति दो साल के लिए वैध रहेगी, जिसे जरूरत पड़ने पर एक साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। अगर तय शर्तों का पालन नहीं किया गया तो विभाग सिक्योरिटी राशि से खर्च वसूल कर कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है।
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